
भोपाल, 1 जून । मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक खुला पत्र जारी कर प्रदेश की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पत्र में उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है।
किसानों, युवाओं और रोजगार के मुद्दों को बताया प्रमुख चिंता
अपने पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे किसी व्यक्तिगत राजनीति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता की पीड़ा और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने किसानों की बदहाली, युवाओं के रोजगार, ओबीसी आरक्षण, पेपर लीक मामलों, नर्सिंग घोटाले और सरकारी भर्तियों में देरी जैसे विषयों को प्रमुख चिंता का विषय बताया।
पटवारी ने सवाल उठाया कि क्या किसानों की आत्महत्या, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी स्कूलों की स्थिति जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिकता नहीं होने चाहिए।
कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर भी उठाए प्रश्न
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं की सुरक्षा, दलितों पर अत्याचार, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण, बढ़ते अपराध, माफियाराज, बिजली कटौती, महंगे बिजली बिल और छोटे व्यापारियों की आर्थिक चुनौतियों को भी गंभीर मुद्दे बताते हुए सरकार से प्रभावी समाधान की मांग की।
उन्होंने कहा कि घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ता अंतर भी जनता के लिए चिंता का विषय है और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
सरकार से गंभीरता से काम करने का आग्रह
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर प्रदेश की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने शेष कार्यकाल में ईमानदारी से काम करते हुए कर्ज, कमीशन और भ्रष्टाचार की संस्कृति को कम करने का प्रयास करना चाहिए।
2028 में सत्ता परिवर्तन का दावा
पत्र के अंत में पटवारी ने दावा किया कि मध्यप्रदेश की जनता प्रदेश की परिस्थितियों को देख और समझ रही है तथा वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में बदलाव का निर्णय लेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में ऐसी सरकार बनेगी जो जवाबदेही, संवेदनशीलता और विनम्रता के साथ कार्य करेगी।
यह खुला पत्र प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें विपक्ष द्वारा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं।



