शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, जीतू पटवारी बोले- “परीक्षा घोटालों ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया”

Bhopal में Madhya Pradesh Congress Committee के अध्यक्ष Jitu Patwari ने देशभर में सामने आ रहे परीक्षा घोटालों, पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था अब “माफिया, दलालों और भ्रष्ट कंपनियों” के प्रभाव में आ चुकी है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

पटवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास पर सीधा आघात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले छात्रों को पारदर्शी अवसर नहीं मिल पा रहे हैं और भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

NEET और NTA को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना

National Testing Agency द्वारा आयोजित परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए पटवारी ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से लगातार पेपर लीक और परीक्षा विवाद सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के मुद्दों को लगातार उठा रही है और Rahul Gandhi भी छात्रों के अधिकारों को लेकर मुखर रहे हैं। पटवारी के अनुसार, परीक्षा एजेंसियों की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का जवाब केंद्र सरकार को देना चाहिए।

CBSE रिजल्ट और निजी कंपनी पर उठाए सवाल

पटवारी ने Central Board of Secondary Education के परीक्षा परिणामों में कथित विसंगतियों को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि मूल्यांकन और परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि OSM सिस्टम का कार्य जिस COEMPT कंपनी को दिया गया, उसका पूर्व नाम Globarena था और वह पहले भी विवादों में रही है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछा है कि ऐसी कंपनी को करोड़ों छात्रों से जुड़ी जिम्मेदारी किस आधार पर दी गई और चयन प्रक्रिया में किन मानकों का पालन किया गया।

नर्सिंग घोटाले को बताया “शिक्षा माफिया” का उदाहरण

Madhya Pradesh के चर्चित नर्सिंग कॉलेज मामले का जिक्र करते हुए पटवारी ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त संसाधनों वाले संस्थानों को मान्यता देकर हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।

उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों में बुनियादी सुविधाएं, फैकल्टी, लैब और अस्पताल तक उपलब्ध नहीं थे, फिर भी उन्हें संचालन की अनुमति मिल गई। पटवारी ने दावा किया कि इस मामले में अदालतें भी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुकी हैं।

व्यापम और भर्ती परीक्षाओं पर भी उठाए सवाल

पटवारी ने पूर्व के व्यापम और हालिया MPESB भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की पटवारी और समूह-2 भर्ती परीक्षा में मेरिट सूची और परीक्षा केंद्रों को लेकर गंभीर संदेह सामने आए थे।

उनके अनुसार, बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों का एक ही परीक्षा केंद्र से होना भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कांग्रेस ने इन मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

Jitu Patwari ने मांग की कि NEET, नर्सिंग घोटाला, भर्ती परीक्षा विवाद और अन्य शिक्षा संबंधी मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।

हालांकि, भाजपा और सरकार की ओर से समय-समय पर यह कहा जाता रहा है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं तथा गड़बड़ियों के मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं।

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