एम्स भोपाल में लिप्पन आर्ट कार्यशाला, प्रतिभागियों ने सीखी पारंपरिक कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति

All India Institute of Medical Sciences Bhopal में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक विशेष लिप्पन आर्ट कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर द्वारा किया गया, जिसमें संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पारंपरिक लिप्पन कला से कराया परिचय

कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध मॉडलर कलाकार Abhilash Devangan ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को गुजरात की पारंपरिक लिप्पन कला की बारीकियों से परिचित कराया।

इस दौरान मिरर डेकोरेशन, क्ले डिजाइन और पारंपरिक सजावटी पैटर्न तैयार करने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कुल 16 प्रतिभागियों ने कार्यशाला में भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

कला के माध्यम से तनावमुक्ति और मानसिक एकाग्रता

आयोजकों के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य केवल कला प्रशिक्षण देना नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को तनावमुक्त और रचनात्मक वातावरण उपलब्ध कराना भी था।

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्ट थेरेपी और रचनात्मक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यही कारण है कि कई शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान अब वेलनेस कार्यक्रमों में कला आधारित गतिविधियों को शामिल कर रहे हैं।

प्रतिभागियों ने बताया प्रेरणादायक अनुभव

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि इस प्रकार की गतिविधियां दैनिक कार्य के तनाव से राहत देने के साथ-साथ आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर भी प्रदान करती हैं।

All India Institute of Medical Sciences Bhopal के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने बताया कि भविष्य में भी संस्थान में ऐसे वेलनेस आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों, कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के बीच मानसिक स्वास्थ्य, रचनात्मकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिल सके।

Exit mobile version