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कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला: “मध्यप्रदेश में बेटियां असुरक्षित”, जीतू पटवारी ने महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल

दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांगा जवाब

भोपाल, 5 जून 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े सरकार के दावों की वास्तविकता उजागर करते हैं।

पटवारी ने कहा कि प्रदेश में दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार एनसीआरबी 2024 के आंकड़ों में दहेज हत्या के 450 और घरेलू हिंसा के 7,514 मामले दर्ज होना महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

“नारी सम्मान के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में महिलाएं दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामना कर रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के मामले प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं।

दहेज प्रथा और सामाजिक चुनौतियों पर जताई चिंता

पटवारी ने कहा कि आज भी कई परिवार दहेज प्रथा के कारण आर्थिक और सामाजिक दबाव झेल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विवाह जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थान को आर्थिक लेन-देन का माध्यम बनने से रोकने के लिए सरकार ने क्या प्रभावी कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।

सरकार से विशेष समीक्षा और त्वरित कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता ने मांग की कि दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के सभी मामलों की विशेष समीक्षा कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस विषय पर गंभीर एवं ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।

महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज

महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मुद्दे लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। कांग्रेस द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद प्रदेश में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार का पक्ष उपलब्ध होने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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