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टिक्शा शर्मा मौत मामला: पति समर्थ सिंह 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, दोबारा पोस्टमार्टम आज

भोपाल में चर्चित अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले के मुख्य आरोपी और पति समर्थ सिंह को जिला न्यायालय ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अदालत ने बचाव पक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए पुलिस को विस्तृत पूछताछ की अनुमति दी है।

कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी

शुक्रवार देर रात लगभग तीन बजे पुलिस समर्थ सिंह को जबलपुर से भोपाल लेकर पहुंची। उसे कटारा हिल्स थाना में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। शनिवार दोपहर मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को नवम सत्र न्यायाधीश अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया गया।

करीब एक घंटे चली सुनवाई के दौरान पुलिस ने घटना की परिस्थितियों, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, फरारी के दौरान संपर्कों और पारिवारिक विवादों की जांच के लिए सात दिन की रिमांड मांगी। बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने पुलिस के पक्ष में फैसला सुनाया।

पासपोर्ट जब्त, वकालत लाइसेंस भी सस्पेंड

मामले में अदालत ने समर्थ सिंह का पासपोर्ट जब्त करने के आदेश भी दिए हैं। वहीं बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आरोपी का वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के निर्देश पर की गई।

दिल्ली एम्स की टीम करेगी दोबारा पोस्टमार्टम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रविवार को ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करेगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी ताकि जांच की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे। पहले पोस्टमार्टम को लेकर लगातार संदेह और आरोप सामने आ रहे थे।

SIT पर भी उठे सवाल

ट्विशा शर्मा के परिजनों के वकील अंकुर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कुछ पुलिस अधिकारी आरोपियों के संपर्क में थे। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को एसआईटी से हटाने और जांच के दायरे में लेने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि शुरुआत से मामले में प्रभावशाली लोगों का दबाव देखने को मिला।

फरारी के दौरान बदला हुलिया

पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान समर्थ सिंह लगातार अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था। हमेशा क्लीन शेव दिखने वाला आरोपी इस बार हल्की दाढ़ी, कैजुअल कपड़ों, कैप और मास्क में नजर आया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने मदद और शरण दी।

पुलिस का दावा — निष्पक्ष जांच जारी

जांच अधिकारियों का कहना है कि अब रिमांड अवधि में आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस घटना वाली रात की गतिविधियों, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और फरारी के नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था, प्रभावशाली लोगों की भूमिका और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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