भोपाल। मानसिक स्वास्थ्य, रचनात्मकता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एम्स भोपाल के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र द्वारा दो दिवसीय जलरंग चित्रकला (वाटरकलर पेंटिंग) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना, तनाव को कम करना तथा मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना था।
29 प्रतिभागियों ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
कार्यशाला में एम्स भोपाल के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों सहित कुल 29 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने चित्रकला की विभिन्न तकनीकों को सीखते हुए अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया और कला के माध्यम से मानसिक सुकून का अनुभव प्राप्त किया।
विशेषज्ञ ने सिखाईं वाटरकलर पेंटिंग की बारीकियां
कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र से जुड़े अभिलाष देवांगन द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को जलरंग चित्रकला की मूलभूत एवं उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण सत्र में रंगों के मिश्रण, ब्रश के प्रभावी उपयोग, छायांकन, चित्र संरचना तथा प्राकृतिक दृश्यों के सृजन जैसे विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
प्रतिभागियों को रंगों के माध्यम से भावनाओं की अभिव्यक्ति, रचनात्मक सोच और कलात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न कलात्मक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को चित्रकला की बारीकियों को समझने का अवसर मिला।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं रचनात्मक गतिविधियां
विशेषज्ञों के अनुसार चित्रकला, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियां तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और मानसिक शांति प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे कार्यक्रम लोगों को यह संदेश देते हैं कि व्यस्त जीवनशैली के बीच भी कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए समय निकालकर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में पहल
एम्स भोपाल समय-समय पर विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आमजन के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करता है। यह कार्यशाला भी उसी प्रयास का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य के साथ-साथ रचनात्मकता और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
इस आयोजन ने प्रतिभागियों को न केवल नई कलात्मक तकनीकें सीखने का अवसर दिया, बल्कि तनावमुक्त और संतुलित जीवन की दिशा में भी प्रेरित किया।
एम्स भोपाल में दो दिवसीय वाटरकलर पेंटिंग कार्यशाला आयोजित, कला के माध्यम से दिया तनावमुक्ति का संदेश
