भोपाल। आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग आज केवल एक पारंपरिक अभ्यास नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एम्स भोपाल के आयुष विभाग ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में तीन सप्ताह तक चलने वाले विशेष योग एवं जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया है।
1 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत योग प्रशिक्षण, सामुदायिक जागरूकता गतिविधियां, कार्यशालाएं और सामूहिक योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कॉमन योगा प्रोटोकॉल के साथ हुई शुरुआत
अभियान का शुभारंभ कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के अभ्यास से किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और विश्राम तकनीकों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, चिकित्सक, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग सत्र का संचालन चिकित्सा अधिकारी (योग) डॉ. मुद्दा सोफिया और योग प्रशिक्षक डॉ. विजयता जैन के मार्गदर्शन में किया गया। विशेषज्ञों ने योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक स्वास्थ्य लाभों के साथ-साथ मानसिक तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार संबंधी पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
“स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” पर विशेष फोकस
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। बढ़ती आयु के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए यह विषय विशेष महत्व रखता है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग अभ्यास बुजुर्गों में शारीरिक लचीलापन बनाए रखने, संतुलन सुधारने, मानसिक सक्रियता बढ़ाने तथा जीवनशैली संबंधी रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
एम्स भोपाल द्वारा आयोजित गतिविधियां आयुष मंत्रालय की “360° योग” पहल के अनुरूप संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य योग को केवल व्यायाम तक सीमित न रखकर शरीर, श्वास, मन और सामाजिक स्वास्थ्य के समग्र विकास से जोड़ना है।
बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग की प्रासंगिकता
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में तनाव, अनिद्रा, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग एक ऐसी समग्र पद्धति के रूप में सामने आया है जो न केवल रोगों की रोकथाम में सहायक है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एम्स भोपाल का यह अभियान लोगों को यह संदेश देने का प्रयास कर रहा है कि स्वास्थ्य केवल रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन की स्थिति है, जिसे योग के माध्यम से मजबूत किया जा सकता है।
21 जून तक चलेंगे विविध कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक चलने वाले इस विशेष अभियान के अंतर्गत विभिन्न योग कार्यशालाएं, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक पहुंच गतिविधियां और सामूहिक योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग के वैज्ञानिक लाभों से परिचित कराना और उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का समापन सामूहिक ध्यान और योग संकल्प के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन के लिए नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य जागरूकता में एम्स भोपाल की सक्रिय भूमिका
एम्स भोपाल समय-समय पर स्वास्थ्य शिक्षा, रोग निवारण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। आयुष विभाग की यह पहल न केवल योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: एम्स भोपाल ने शुरू किया तीन सप्ताह का योग जागरूकता अभियान, स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष जोर
