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पुष्य नक्षत्र पर एम्स भोपाल में 105 बच्चों का निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार

आयुष विभाग की पहल, 27 बच्चों का पहली बार पंजीकरण; रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजन

भोपाल। एम्स भोपाल के आयुष विभाग ने पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आयुर्वेद बाह्य रोगी विभाग में निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन किया। इस दौरान 105 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया, जिनमें 78 बच्चे पहले से इस सेवा का लाभ ले रहे थे, जबकि 27 बच्चों का पहली बार पंजीकरण किया गया।

यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना तथा अभिभावकों को बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में एक से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. रंजना पांडे ने स्वर्ण प्राशन कराया। इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों को बताया कि आयुर्वेद में स्वर्ण प्राशन को बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शारीरिक विकास, मानसिक एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता के लिए लाभकारी माना जाता है।

एम्स भोपाल के अनुसार, आयुष विभाग ने इस सेवा की शुरुआत वर्ष 2022 में की थी। तब से प्रत्येक पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आयुर्वेद ओपीडी में बच्चों के लिए निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार आयोजित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, अक्टूबर 2025 में इस पहल के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं और बड़ी संख्या में बच्चे तथा उनके अभिभावक इसका लाभ उठा रहे हैं।

नोट: स्वर्ण प्राशन के संभावित लाभ आयुर्वेदिक परंपरा और सिद्धांतों पर आधारित हैं। इन दावों का आधुनिक चिकित्सा विज्ञान द्वारा सभी पहलुओं में सार्वभौमिक रूप से समर्थन स्थापित नहीं हुआ है।

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