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45 साल बाद बदला सांची का लुक, 8 अगस्त से भोपाल में नई पैकेजिंग में मिलेगा दूध और डेयरी उत्पाद

सांची ने 45 वर्षों बाद नई ब्रांड पहचान और आकर्षक पैकेजिंग लॉन्च की। 8 अगस्त 2026 से भोपाल में नए स्वरूप में दूध, दही, पनीर, छाछ समेत सभी उत्पाद उपलब्ध होंगे।

भोपाल: 45 वर्षों के विश्वास को मिला नया स्वरूप, सांची ने लॉन्च की नई ब्रांड पहचान

भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) ने अपने लोकप्रिय डेयरी ब्रांड ‘सांची’ की नई ब्रांड पहचान और आकर्षक पैकेजिंग लॉन्च की है। 45 वर्षों से उपभोक्ताओं का भरोसा बने सांची के सभी प्रमुख उत्पाद अब आधुनिक डिज़ाइन और नए रंग-रूप में उपलब्ध होंगे। नई पैकेजिंग वाले उत्पाद 8 अगस्त 2026 से भोपाल के बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।

यह नई ब्रांड पहचान मध्यप्रदेश शासन और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से तैयार की गई है। भोपाल में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में एनडीडीबी और एमपीसीडीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, वितरक और खुदरा विक्रेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

गोंड कला से सजी नई पैकेजिंग

नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए गोंड कला का उपयोग किया गया है। इसमें गाय, महिला दुग्ध उत्पादक, ग्रामीण जीवन और दूध के कैन जैसे प्रतीकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य ब्रांड को आधुनिक पहचान देने के साथ उपभोक्ताओं से भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत करना है।

दूध से लेकर पनीर तक सभी उत्पाद नए रूप में

नई ब्रांडिंग सांची के पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो पर लागू की गई है। इसमें स्मार्ट, गोल्ड, ताज़ा और शक्ति दूध के साथ दही, पनीर, मठ्ठा, छाछ और चाय दूध (चाह) शामिल हैं।

42 गुणवत्ता परीक्षणों के बाद पहुंचता है दूध

एमपीसीडीएफ के अनुसार, सांची दूध का पाश्चुरीकरण और पैकेजिंग भोपाल दुग्ध संघ के एफएसएसएआई मानकों वाले आधुनिक संयंत्र में की जाती है। गांवों की सहकारी दुग्ध समितियों से प्राप्त दूध उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले 42 गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरता है। प्रत्येक पैक को विटामिन A और विटामिन D से फोर्टिफाइड भी किया जाता है। एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि सांची केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों की समृद्धि और सहकारिता की भावना का प्रतीक है।

एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने कहा कि नई पहचान सिर्फ पैकेजिंग का बदलाव नहीं, बल्कि गुणवत्ता और किसानों के हितों के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता का आधुनिक स्वरूप है।

भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रीतेश जोशी ने बताया कि नई पैकेजिंग गुणवत्ता और शुद्धता के संदेश को और प्रभावी ढंग से उपभोक्ताओं तक पहुंचाएगी।

सांची का नया संदेश

नई पहचान के साथ सांची ने अपना भरोसे का संदेश दोहराया है—

“स्वाद, सेहत, सांची।”

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