सहकारी डेयरी ब्रांड की रेलवे में बढ़ी पहुंच, अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी उत्पाद पहुंचाने की तैयारी
इंदौर, 29 जून । मध्यप्रदेश के प्रमुख सहकारी डेयरी ब्रांड सांची ने अपने उत्पादों की पहुंच का विस्तार करते हुए अब रेलवे यात्रियों तक भी दस्तक दे दी है। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित ने इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में सांची की बायोमैजिक दही (Biomagic Curd) की आपूर्ति शुरू कर दी है। अब इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सहकारी डेयरी उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के अनुसार, सांची बायोमैजिक दही की आपूर्ति ट्रेन में वृंदावन फूड प्रोडक्ट के माध्यम से की जा रही है। यह पहल सहकारी डेयरी उत्पादों को बड़े उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी सांची उत्पाद पहुंचाने की तैयारी
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस से शुरू हुई यह पहल आगे भी जारी रहेगी। रेलवे प्रशासन के साथ बातचीत के माध्यम से राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख यात्री ट्रेनों में भी सांची उत्पाद उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है।
इससे न केवल यात्रियों को भरोसेमंद डेयरी उत्पाद मिलेंगे, बल्कि प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को भी सहकारी व्यवस्था के माध्यम से बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
किसानों से सीधे दूध खरीदकर तैयार होते हैं सांची उत्पाद
सांची ब्रांड के उत्पाद मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों से सीधे खरीदे गए दूध से तैयार किए जाते हैं। सहकारी मॉडल के तहत किसानों को उनके दूध का पारदर्शी मूल्य उपलब्ध कराया जाता है और तैयार उत्पादों का वितरण प्रदेश के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में किया जाता है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश के सहकारी दुग्ध संघों के प्रबंधन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की भूमिका है, जिससे डेयरी संचालन, तकनीकी सुधार और विपणन व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाना लक्ष्य
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस में सांची उत्पादों की शुरुआत संघ के विपणन प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाले सहकारी उत्पाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और भविष्य में अन्य ट्रेनों में भी सांची उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
रेलवे यात्रियों के बीच सांची की पहुंच बढ़ने से सहकारी डेयरी मॉडल को नई बाजार संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। यह पहल मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों, सहकारी संस्थाओं और उपभोक्ताओं के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।