एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप से मिले उद्योग प्रतिनिधि, फायर एनओसी में राहत और निर्यात प्रोत्साहन पर हुई चर्चा

फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप से मुलाकात कर फायर एनओसी, ट्रांसपोर्ट सब्सिडी और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में भागीदारी जैसे मुद्दे उठाए।

उद्योगों के विकास पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप से फेडरेशन की चर्चा, फायर एनओसी और निर्यात प्रोत्साहन पर दिए सुझाव

भोपाल। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FMPCCI) के नवनिर्वाचित प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अध्यक्ष हिमांशु खरे के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप से मुलाकात की। बैठक में प्रदेश के उद्योगों के विकास, फायर एनओसी, निर्यात प्रोत्साहन और औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

फायर एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों को फायर एनओसी से राहत देने और नियमों को सरल बनाने का आग्रह किया। इस पर मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि फायर एक्ट लागू होने के बाद फैक्ट्री लाइसेंस के दायरे में आने वाले उद्योगों को आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी। साथ ही जो उद्योग इस दायरे में नहीं आते हैं, उनके लिए भी प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

ट्रांसपोर्ट सब्सिडी के अधिक उपयोग पर जोर

बैठक में निर्यातोन्मुखी ट्रांसपोर्ट सब्सिडी योजना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सब्सिडी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट सब्सिडी योजना निर्यातकों की मांग पर शुरू की गई थी, ताकि परिवहन लागत कम हो और प्रदेश के उद्योग वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि योजना का अपेक्षित स्तर पर उपयोग नहीं हो रहा है और फेडरेशन से इसके व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया।

अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में भागीदारी का प्रस्ताव

फेडरेशन ने सुझाव दिया कि प्रदेश के निर्यातकों को उनकी आवश्यकता और बाजार के अनुरूप प्रत्येक वर्ष दो अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में भाग लेने का अवसर दिया जाए तथा इस पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाए।

मंत्री चेतन्य काश्यप ने इस सुझाव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि उद्योगों और निर्यातकों के हित में व्यवहारिक प्रस्तावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे शामिल

मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष हिमांशु खरे, संयुक्त अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार पोरवाल, डॉ. आर.एस. गोस्वामी, अशोक आनंद, विजय गौर, मदनलाल गुर्जर, प्रवीण आचार्य, डॉ. सुरेन्द्र सिंह तथा राजेश हिरवे शामिल थे।

बैठक के दौरान उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार और उद्योग संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

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