बेंगलुरु। निवेश एवं वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म फंड्सइंडिया ने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मामले में 30,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने इससे पहले इसी वर्ष 25,000 करोड़ रुपये का स्तर हासिल किया था, जबकि 20,000 करोड़ रुपये से 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने में उसे करीब 11 महीने का समय लगा।
कंपनी के अनुसार, यह वृद्धि किसी एक बड़े निवेश या बाजार में तेजी के कारण नहीं, बल्कि खुदरा निवेशकों द्वारा एसआईपी (SIP) निवेश बढ़ाने, स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों (IFA) के नेटवर्क के विस्तार और प्राइवेट वेल्थ कारोबार में मजबूत वृद्धि के चलते संभव हुई है।
फंड्सइंडिया का कहना है कि आज देशभर में उसके करीब 30 लाख निवेशक हैं, जिनमें लगभग 71.79 प्रतिशत निवेशक महानगरों के बाहर के शहरों से हैं। कंपनी का मानना है कि यह आंकड़ा छोटे शहरों में बढ़ती वित्तीय जागरूकता और सुनियोजित निवेश की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
कंपनी के तीन प्रमुख कारोबार—डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C), पार्टनर नेटवर्क और प्राइवेट वेल्थ—ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डी2सी प्लेटफॉर्म के माध्यम से नए निवेशकों को निवेश शुरू करने और नियमित एसआईपी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जबकि पार्टनर नेटवर्क ने आईएफए और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (MFDs) को रिसर्च और तकनीकी टूल उपलब्ध कराए। वहीं, प्राइवेट वेल्थ कारोबार ने हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई।
फंड्सइंडिया के ग्रुप सीईओ अक्षय सप्रू ने कहा कि 30,000 करोड़ रुपये के AUM तक पहुंचना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन उससे भी अधिक अहम यह है कि यह वृद्धि निवेशकों के भरोसे, मजबूत सलाहकार नेटवर्क और दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण के आधार पर हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी रिसर्च, तकनीक और निवेश सलाह को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
कंपनी ने बताया कि वेस्टब्रिज कैपिटल के समर्थन से वह अपनी तकनीकी और डेटा अवसंरचना में लगातार निवेश कर रही है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स क्षमताओं को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि निवेशकों को अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी निवेश सलाह उपलब्ध कराई जा सके। वर्तमान में कंपनी के साथ 1,260 से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए टीम का विस्तार भी जारी है।
