फर्रुखाबाद/बुलंदशहर। बेटी बचाओ का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र के ईसेपुर गांव की रहने वाली 29 वर्षीय अविवाहित डॉक्टर डॉ. कोमल यादव ने जन्म के बाद परित्यक्त हुई जुड़वाँ नवजात बेटियों को अपनाने का फैसला किया है।
डॉ. कोमल यादव, जो वर्तमान में फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले अस्पताल में एक महिला ने जुड़वाँ बेटियों को जन्म दिया। आरोप है कि महिला ने बच्चियों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे तैयार नहीं हुए।
डॉ. कोमल ने दोनों बच्चियों को अपनाने की इच्छा जताई और आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सोमवार को उन्हें अपने गांव लेकर पहुंचीं। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और उनके इस कदम की सराहना की।
डॉ. कोमल का कहना है कि दोनों बच्चियां अब उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में वह विवाह करेंगी, तो ऐसे व्यक्ति से करेंगी जो इन दोनों बेटियों को भी पूरे मन से अपनाने के लिए तैयार हो।