मारुति फाउंडेशन-हेरिटेज इंडिया की ‘इंडियन गॉट टैलेंट’ प्रतियोगिता में दिव्यांग और सामान्य बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, समावेशी समाज का दिया संदेश

रायपुर। मारुति फाउंडेशन-हेरिटेज इंडिया के तत्वावधान में रायपुर के सिटी सेंटर मॉल में आयोजित ‘इंडियन गॉट टैलेंट प्रतियोगिता’ प्रतिभा, आत्मविश्वास और समावेशिता का अनूठा उत्सव बनकर सामने आई। इस आयोजन में दिव्यांग एवं सामान्य बच्चों ने एक ही मंच पर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह संदेश दिया कि अवसर समान हों तो प्रतिभा किसी भी सीमा की मोहताज नहीं होती।

प्रतियोगिता का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और सामान्य बच्चों को समान मंच उपलब्ध कराना, उनकी प्रतिभा को समाज के सामने लाना तथा समावेशी समाज की अवधारणा को मजबूत करना था। कार्यक्रम में बच्चों के साथ अभिभावकों और दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे आयोजन को प्रेरणादायी बना दिया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों—6 से 15 वर्ष तथा 15 से 25 वर्ष—में आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने नृत्य, गायन, संगीत और रैंप वॉक जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास, ऊर्जा और कला के प्रति समर्पण पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने की पहल की सराहना

मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज में समान अवसर और समावेशिता की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग और सामान्य बच्चों को एक समान मंच उपलब्ध कराना न केवल उनकी प्रतिभा को निखारता है, बल्कि समाज को संवेदनशील और समरस बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास का संचार करते हैं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रतिभा को पहचान देने का सशक्त मंच

विशिष्ट अतिथि आकाश तिवारी ने कहा कि मंच पर मिलने वाला अवसर बच्चों के व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक क्षमता को नई दिशा देता है। ऐसे आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचान दिलाने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रखते हैं।

आयोजन समिति की अध्यक्षा मेघा तिवारी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने और उचित मंच उपलब्ध कराने की है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी क्षमताओं को प्रोत्साहित करना है।

अनुभवी निर्णायकों ने किया निष्पक्ष मूल्यांकन

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ आइडल-2009 एवं ‘वॉइस ऑफ कैलाश खेर’ के रूप में पहचान बना चुके संदीप राव, स्नेहा पांडेय और सीमा छाबड़ा शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया।

दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशेष रूप से अर्पण पब्लिक स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। उनकी कला, आत्मविश्वास और मंच पर प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को भावुक और प्रेरित किया।

इस आयोजन में इट्सा हॉस्पिटल सिल्वर एवं सपोर्टिंग पार्टनर के रूप में सहभागी रहा, जिसने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रभावी मंच संचालन ने बांधा समां

कार्यक्रम का संचालन सरिता झा ने बेहद प्रभावशाली, ऊर्जावान और आकर्षक शैली में किया। उनकी सहज प्रस्तुति और मंच संचालन की अतिथियों एवं दर्शकों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

समावेशी समाज की दिशा में प्रेरक पहल

‘इंडियन गॉट टैलेंट’ प्रतियोगिता केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं रही, बल्कि इसने समाज को यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग और सामान्य बच्चों के बीच समान अवसर उपलब्ध कराकर एक संवेदनशील, समावेशी और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण किया जा सकता है। बच्चों के उत्साह, अभिभावकों के सहयोग और दर्शकों के समर्थन ने इस आयोजन को यादगार और प्रेरणादायी बना दिया।

Exit mobile version