भोपाल, 3 जुलाई। भोपाल नगर निगम में जोन प्रभारियों के स्तर पर जल्द बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में इस संबंध में आदेश जारी किए जा सकते हैं। प्रस्तावित बदलाव के तहत लंबे समय से जोन प्रभारी के रूप में कार्यरत एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) स्तर के कर्मचारियों के स्थान पर राजस्व निरीक्षकों की पदस्थापना की जा सकती है।
पांच से छह जोन प्रभारियों के बदलने की संभावना
जानकारी के अनुसार, शुरुआती चरण में लगभग पांच से छह जोन प्रभारियों को बदला जा सकता है। नगर निगम के 21 जोनों में वर्तमान में अधिकांश स्थानों पर सहायक राजस्व निरीक्षक या अन्य कर्मचारी प्रभारी हैं, जबकि राजस्व निरीक्षकों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद कई को जोन का प्रभार नहीं दिया गया है।
हाल ही में जोन क्रमांक-15 में ठाकुर सिंह के स्थान पर राजस्व निरीक्षक कुलदीप जैन की पदस्थापना की गई है, जिसे इस बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।
चार जोनों में एलडीसी स्तर के कर्मचारी संभाल रहे प्रभार
सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में जोन-5, जोन-10, जोन-12 और जोन-13 में एलडीसी अथवा अन्य निम्न स्तर के कर्मचारी जोन प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। इनमें कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही जोन में पदस्थ हैं। इनके स्थान पर राजस्व निरीक्षकों की नियुक्ति किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
इन राजस्व निरीक्षकों के नाम चर्चा में
नगर निगम में उपलब्ध राजस्व निरीक्षकों में मयंक जाट, नूतन खरे, सोनाली साहू, सत्यप्रकाश बड़गैंया, रामदत्त तिवारी सहित दो नवागत राजस्व निरीक्षकों के नाम संभावित पदस्थापनाओं को लेकर चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि, नगर निगम की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
शिकायतों और कम वसूली वाले जोनों पर फोकस
सूत्रों का दावा है कि जिन जोनों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं अथवा जहां राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य से कम रही है, वहां के प्रभारियों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जा सकता है। निगम प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित राजस्व निरीक्षकों की तैनाती से कर वसूली में सुधार और निगम की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
निगम की आय बढ़ाने पर जोर
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। चूंकि जोन प्रभारियों की प्रमुख जिम्मेदारी संपत्ति कर और अन्य राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना होती है, इसलिए अनुभवी राजस्व निरीक्षकों को जोन की जिम्मेदारी देने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, जोन प्रभारियों के प्रस्तावित फेरबदल और संभावित पदस्थापनाओं को लेकर अभी तक नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में अंतिम स्थिति प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।