विधानसभा में उमंग सिंघार ने उठाए छात्रों और केन-बेतवा परियोजना से जुड़े मुद्दे, सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप

भोपाल, 23 जुलाई। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी तथा केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बच रही है।
कांग्रेस की ओर से जारी बयान के अनुसार, सत्र शुरू होने से पहले उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के सदस्य काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।
सदन में उमंग सिंघार ने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट (NEET) पेपर लीक, भर्ती घोटालों, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया था।
कांग्रेस के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी।
नेता प्रतिपक्ष ने केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित छतरपुर और पन्ना जिलों के परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कई प्रभावित परिवारों को अभी तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है और मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार से पूछा कि कितने प्रभावित परिवारों को अभी मुआवजा मिलना शेष है और इस संबंध में पूरी जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि लगभग 8 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन कई परिवार अब भी अपने अधिकार से वंचित हैं। उन्होंने पूरे मामले की पुनः जांच और सभी पात्र परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता, युवाओं, किसानों और विस्थापित परिवारों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार उठाती रहेगी।





