भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अगले दो दिनों तक बड़ी संख्या में नागरिकों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम द्वारा कोलार जलप्रदाय परियोजना की प्रमुख ग्रेविटी मेन पाइपलाइन पर आवश्यक सुधार और रखरखाव कार्य किए जाने के कारण शहर के कई प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में जल आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगी।
यह कार्य शहर की दीर्घकालिक जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हालांकि इसके चलते हजारों परिवारों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मंगलवार और बुधवार के दौरान जल भंडारण की विशेष व्यवस्था करनी होगी।
कोलार परियोजना भोपाल की प्रमुख जल आपूर्ति प्रणालियों में से एक है, जो शहर के बड़े हिस्से को पेयजल उपलब्ध कराती है। ऐसे में ग्रेविटी मेन लाइन पर किया जा रहा यह कार्य भविष्य में संभावित तकनीकी बाधाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन क्षेत्रों में रहेगा सबसे अधिक असर?
नगर निगम के अनुसार पुराने भोपाल, नए भोपाल और कोलार क्षेत्र के अनेक इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होगी। इनमें शाहजहांनाबाद, हमीदिया रोड, इब्राहिमपुरा, बुधवारा, इतवारा, मंगलवारा, भोपाल टॉकीज, निशातपुरा, शांति नगर, शाहपुरा, त्रिलंगा, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर, एमपी नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, चूना भट्टी, कोलार बस्ती, वैशाली नगर, गुलमोहर, तुलसी नगर, माता मंदिर और चार इमली सहित कई प्रमुख आवासीय क्षेत्र शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को निर्धारित अवधि के दौरान पानी की उपलब्धता को लेकर पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है।
नागरिकों के लिए क्या है सलाह?
– आवश्यकतानुसार पहले से पेयजल संग्रहित करें।
– पानी का उपयोग केवल जरूरी कार्यों के लिए करें।
– अनावश्यक जल बर्बादी से बचें।
– सामुदायिक टंकियों और वैकल्पिक जल स्रोतों की जानकारी स्थानीय स्तर पर प्राप्त करें।
– बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त जल भंडारण रखें।
भोपाल में दो दिन जल संकट: कोलार परियोजना की मरम्मत से लाखों उपभोक्ता होंगे प्रभावित
