सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति प्रथा समाप्त की जाए, बेरोजगारों को मिले रोजगार: अरुण वर्मा

सेवानिवृत्त अर्द्धशासकीय अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के महासचिव ने मुख्यमंत्री से की मांग, कहा – 65 से 78 वर्ष के अधिकारी कर रहे हैं युवाओं का हक़ अदा
भोपाल सेवानिवृत्त अर्द्ध शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के महासचिव अरुण वर्मा ने प्रदेश में शासकीय, अर्द्ध शासकीय निगम मंडलों और सहकारी संस्थाओं में जारी पुनर्नियुक्ति प्रथा पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हजारों की संख्या में 65 से 78 वर्ष की आयु तक के सेवानिवृत्त कर्मचारी पुनर्नियुक्ति पर कार्यरत हैं, जबकि दूसरी ओर हजारों युवा योग्य बेरोजगार रोजगार के अवसरों के लिए दर-दर भटक रहे हैं, यह स्थिति न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि युवा वर्ग के भविष्य के साथ अन्याय भी है।
अरुण वर्मा ने कहा कि शासन को चाहिए कि वह इस पुनर्नियुक्ति प्रथा को तत्काल समाप्त करे और इन पदों पर नए बेरोजगार युवाओं को नियुक्ति का अवसर प्रदान करे। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि शासन को नई ऊर्जा, निष्ठा और नवाचार के साथ कार्य करने वाले युवाओं का लाभ भी मिलेगा।
महासचिव वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की है कि सभी विभागों, निगम मंडलों और सहकारी संस्थाओं में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जगह युवा पीढ़ी को अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लिया गया, तो प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को गति मिलेगी।



