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CPCT में छूट देकर परिवीक्षा समाप्त करने के आदेश निरस्त, कर्मचारियों को फिर परिवीक्षा में रखा जाएगा

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशों के बाद आयुक्त, कोष एवं लेखा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए उन सभी कर्मचारियों की परिवीक्षा समाप्ति के आदेश निरस्त कर दिए हैं, जिन्हें CPCT (Computer Proficiency Certification Test) में छूट देकर नियमित किया गया था। अब ऐसे कर्मचारियों को दोबारा परिवीक्षा अवधि में रखा जाएगा और उन्हें तीन माह के भीतर CPCT उत्तीर्ण करना होगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने स्पष्ट निर्देश में कहा है कि 40 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर CPCT परीक्षा से छूट का कोई प्रावधान नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्ष 1984 और 1992 के परिपत्र केवल हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा से छूट से संबंधित हैं, जबकि CPCT एक अलग और अनिवार्य योग्यता है। इसलिए हिंदी टाइपिंग परीक्षा और CPCT को एक समान मानकर दी गई छूट नियमों के अनुरूप नहीं है।

सभी त्रुटिपूर्ण आदेश होंगे निरस्त

आयुक्त, कोष एवं लेखा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अधीनस्थ कार्यालयों में जहां भी कर्मचारियों की परिवीक्षा CPCT से छूट देकर समाप्त की गई थी, उन सभी आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। संबंधित कर्मचारियों को पुनः परिवीक्षा अवधि में रखा जाएगा।

वेतनवृद्धि भी होगी निरस्त

आदेश के अनुसार, परिवीक्षा समाप्त होने के आधार पर दी गई सभी वेतनवृद्धियां भी निरस्त की जाएंगी। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों का मूल वेतन उनके पद के न्यूनतम प्रारंभिक वेतन पर निर्धारित किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, सहायक ग्रेड-3 के परिवीक्षाधीन कर्मचारी का मूल वेतन ₹19,500 निर्धारित किया जाएगा।

यदि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की वसूली की स्थिति बनती है, तो वित्त विभाग के 12 जून 2026 के परिपत्र में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

CPCT पास करने के लिए तीन माह का समय

आदेश में संबंधित कर्मचारियों को तीन माह के भीतर CPCT परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

सभी कार्यालयों से मांगी गई जानकारी

आयुक्त कार्यालय ने अधीनस्थ कार्यालयों से ऐसे सभी मामलों की विस्तृत जानकारी तत्काल भेजने को कहा है। इसमें कर्मचारी का नाम, पद, नियुक्ति तिथि, परिवीक्षा समाप्ति आदेश का क्रमांक और दिनांक, आदेश जारी करने वाले अधिकारी का नाम तथा वर्तमान स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी।

अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई

आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भर्ती, परिवीक्षा समाप्ति या नियमितीकरण के दौरान CPCT सहित सभी अनिवार्य योग्यताओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही, नियमों के उल्लंघन या देरी के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु

40 वर्ष की आयु पर CPCT से छूट का कोई प्रावधान नहीं।

CPCT में छूट देकर किए गए नियमितीकरण के आदेश निरस्त होंगे।

कर्मचारियों को फिर से परिवीक्षा अवधि में रखा जाएगा।

वेतनवृद्धियां निरस्त कर मूल वेतन न्यूनतम स्तर पर तय होगा।

CPCT पास करने के लिए 3 माह का समय दिया गया।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।

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