भोपाल। गायत्री जयंती के पावन अवसर पर हरसंभव फाउंडेशन द्वारा आध्यात्मिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से सामूहिक गायत्री मंत्र जाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पीतांबर वस्त्र धारण कर श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति भाव के साथ गायत्री मंत्र का सामूहिक उच्चारण किया। मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक भाव से भर गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार, भारतीय संस्कारों को मजबूत करना और जीवन में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा। सामूहिक मंत्रोच्चार के दौरान उपस्थित महिलाओं ने विश्व कल्याण, सामाजिक समरसता, परिवारों की सुख-समृद्धि और मानवता के मंगल की कामना की।
हरसंभव फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष पुष्पलता त्रिपाठी ने कहा कि गायत्री मंत्र भारतीय वैदिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक सूत्र है, जो व्यक्ति को आत्मचिंतन, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि नियमित मंत्र जाप से मन की एकाग्रता, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने वर्तमान समय में बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि परिवारों और शिक्षण संस्थानों में संस्कार निर्माण के लिए बच्चों को नियमित रूप से गायत्री मंत्र सहित भारतीय परंपराओं से परिचित कराया जाना चाहिए। इससे नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
कार्यक्रम में महिलाओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जाप कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और समाज में सद्भाव का संदेश दिया। आयोजन में पुष्पलता त्रिपाठी के साथ नेहा संतोषवार, ममता गुप्ता, सुनीता सिंह, छाया देवांगन, गीता कटारिया, अनीता अग्रवाल, नीलम जैन, पूजा शर्मा, रीना सोनी, ज्योति अग्निहोत्री सहित अनेक महिलाओं ने सहभागिता की।
हरसंभव फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और समाज में सकारात्मक विचारों के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में रहा।