केंद्रीय जेल भोपाल में बंदियों को बताए विधिक अधिकार, महिला वार्ड में विशेष जागरूकता शिविर

भोपाल, 12 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनीत अग्रवाल ने केंद्रीय जेल भोपाल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी विधिक समस्याओं और लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत, अपील, विचाराधीन बंदी समीक्षा समिति (UTRC), लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) और गरीब बंदी सहायता योजना सहित विभिन्न कानूनी सेवाओं की जानकारी दी गई।
पात्र बंदियों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता
बंदियों को बताया गया कि आर्थिक या अन्य कारणों से सक्षम अधिवक्ता की सेवाएं लेने में असमर्थ पात्र व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
पात्र बंदियों के मामलों में आवश्यक विधिक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए।
महिला वार्ड में विशेष विधिक जागरूकता शिविर
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय जेल के महिला वार्ड में विशेष विधिक सहायता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। महिला बंदियों से उनकी कानूनी समस्याओं और लंबित मामलों की जानकारी ली गई।
उन्हें उनके विधिक अधिकारों के साथ निःशुल्क कानूनी सहायता, जमानत, अपील और उपलब्ध अन्य कानूनी उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी गई। पात्र महिला बंदियों को जरूरत के अनुसार कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
महिला बंदियों के स्वास्थ्य की भी जांच
महिला बंदियों के स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक एनजीओ के समन्वय से एक्स-रे तथा टीबी और अन्य संभावित संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी कराई गई। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराना था।
लीगल हेल्प डेस्क और मुलाकाती कक्ष का निरीक्षण
कार्यक्रम के बाद सचिव सुनीत अग्रवाल और जिला विधिक सहायता अधिकारी मुहम्मद जीलानी ने केंद्रीय जेल में संचालित लीगल हेल्प डेस्क और मुलाकाती कक्ष का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और बंदियों को दी जा रही विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लिया।





