State

आंचलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल में अंतरराष्ट्रीय चंद्रमा दिवस पर विज्ञान गतिविधियों की धूम, विद्यार्थियों ने जाना चंद्र मिशनों का विज्ञान

भोपाल, 20 जुलाई। आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल में अंतरराष्ट्रीय चंद्रमा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान प्रेमियों के लिए रॉकेट प्रक्षेपण, सॉफ्ट लैंडिंग प्रदर्शन, लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान, लाइव वैक्यूम प्रयोग और चंद्रमा प्रश्नोत्तरी जैसी अनेक रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा चंद्र अन्वेषण और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना था।

कार्यक्रम के दौरान रॉकेट प्रक्षेपण एवं सॉफ्ट लैंडिंग का वैज्ञानिक प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को रॉकेट विज्ञान के सिद्धांत, प्रक्षेपण प्रक्रिया और चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की अवधारणा को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। इस प्रदर्शन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को खासा आकर्षित किया।

लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल के भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक प्रो. मयूरेश सुर्निस ने “हम पुनः चंद्रमा पर क्यों लौट रहे हैं?” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भविष्य के चंद्र अभियानों, मानव अंतरिक्ष अन्वेषण, चंद्रमा पर उपलब्ध संसाधनों की संभावनाओं और भारत सहित विश्व के नवीनतम चंद्र मिशनों पर विस्तृत जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में लाइव वैक्यूम प्रदर्शन के माध्यम से चंद्रमा जैसे निर्वात वातावरण में विभिन्न वस्तुओं के व्यवहार का प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को अंतरिक्ष विज्ञान की अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

भारतीय चंद्र मिशनों, विशेषकर चंद्रयान मिशनों, पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी वैज्ञानिक जानकारी का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, शिक्षक तथा विज्ञान प्रेमी शामिल हुए। आंचलिक विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

Related Articles