सागर: रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले 50 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए कृषि विस्तार अधिकारी संतोष जैन, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

सागर (मध्यप्रदेश)। प्रदेश के सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जिसमें कृषि विस्तार अधिकारी संतोष कुमार जैन को रिटायरमेंट से महज़ एक दिन पहले 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। लोकायुक्त की टीम ने इस कार्रवाई को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।
रिटायरमेंट से पहले रिश्वत – “सालों की सेवा का ऐसा अंत!”
जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार जैन पर एक किसान से कृषि संबंधी कार्य के एवज में ₹50,000 की रिश्वत मांगने का आरोप था। किसान की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और जैसे ही अधिकारी ने पैसे लिए, उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त अधिकारी ने बताया संतोष जैन का 29 जून को रिटायरमेंट था और 28 जून को ही उन्होंने रिश्वत ली। यह भ्रष्टाचार का घिनौना उदाहरण है।
लोकायुक्त की टीम की सटीक कार्रवाई
लोकायुक्त सागर टीम ने आरोपी को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा, और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है और आगे की जांच जारी है।
यह मामला क्यों है गंभीर?
यह मामला सरकारी सेवा के नैतिक पतन को दर्शाता है, जहां एक अधिकारी रिटायरमेंट से मात्र 24 घंटे पहले भी भ्रष्टाचार करने से नहीं चूका। इससे यह साफ होता है कि प्रशासनिक सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
निष्कर्ष: संतोष कुमार जैन की गिरफ्तारी से एक बार फिर यह सिद्ध होता है कि भ्रष्टाचार का अंत सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि निगरानी और कठोर कार्रवाई से ही संभव है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई उन सरकारी अधिकारियों के लिए भी सख्त संदेश है, जो अपनी सेवा के अंतिम दिनों तक भी ‘कमाई’ का अवसर तलाशते रहते हैं।





