रोजीवे गांव अवैध उत्खनन मामला: जांच के 10 दिन बाद भी नोटिस नहीं, दोबारा जांच के निर्देश

भोपाल, 15 जुलाई। हुजूर तहसील के रोजीवे गांव में भूमि समतलीकरण की आड़ में कथित अवैध उत्खनन के मामले में जांच के 10 दिन बाद भी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार 6 जुलाई को दो चरणों में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को सौंपी गई थी, लेकिन रिपोर्ट में आवश्यक जानकारी और प्रक्रिया संबंधी कमियां पाए जाने पर उसे वापस कर दोबारा जांच के निर्देश दिए गए।

सूत्रों का दावा है कि रिपोर्ट लौटाए जाने के बाद से खनिज अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, इस संबंध में खनिज विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

जांच में 40.40 लाख रुपये की रॉयल्टी बकाया होने का दावा

सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में करीब 15 एकड़ क्षेत्र में लगभग 40 हजार घनमीटर उत्खनन पाया गया। जांच के आधार पर लगभग 40.40 लाख रुपये की रॉयल्टी बकाया होने की बात सामने आई है। मामले में हरिचरण तथा कोपरा विक्रेताओं शैलेंद्र भदौरिया और शेखर पवार के नाम जांच में शामिल होने की जानकारी है। हालांकि, इन निष्कर्षों पर विभाग की अंतिम कार्रवाई अभी शेष है।

रिपोर्ट में प्रक्रिया संबंधी कमियां बताई गईं

सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय खनिज अधिकारी कथित रूप से जांच के प्रमुख बिंदुओं की संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। साथ ही संबंधित भूमि स्वामी और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किए बिना रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। इसी कारण कलेक्टर ने रिपोर्ट वापस कर दोबारा जांच के निर्देश दिए।

नोटिस और सुनवाई के बाद ही हो सकती है दंडात्मक कार्रवाई

जानकारों के अनुसार अवैध उत्खनन के मामलों में संबंधित पक्षों को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। यदि संबंधित पक्ष उपस्थित नहीं होता, तब आगे की वैधानिक प्रक्रिया के तहत वसूली और अन्य कार्रवाई की जाती है। नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर संबंधित पक्ष न्यायालय की शरण ले सकता है, जिससे कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित कई तथ्य विभागीय सूत्रों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। मामले में संबंधित पक्षों तथा खनिज विभाग का विस्तृत आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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