भोपाल : वार्ड 80 में बदहाल सफाई व्यवस्था से रहवासी परेशान
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नालियां जाम, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी; तीन महीने से नहीं हुई नियमित सफाई, कचरा उठाने की व्यवस्था भी प्रभावितभोपाल। राजधानी के वार्ड क्रमांक 80 में मूलभूत सुविधाओं को लेकर रहवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही, कचरा उठाने की व्यवस्था प्रभावित है और कई स्थानों पर सीवेज व गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। प्री-मानसून बारिश के दौरान ही नालियों का पानी सड़कों पर बहता दिखाई देने लगा है, जिससे आगामी बारिश में जलभराव की आशंका बढ़ गई है।नगर निगम परिषद का कार्यकाल लगभग चार वर्ष पूरा होने को है, लेकिन वार्ड के कई हिस्सों में सफाई, सीवेज और सड़क जैसी दैनिक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। रहवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के दावों के बीच रोजमर्रा की समस्याएं अभी भी जस की तस बनी हुई हैं।नालियां जाम, सड़कों पर बह रहा गंदा पानीवार्ड के कई क्षेत्रों में नालियों की सफाई लंबे समय से नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर दो से तीन महीने तक नालियों की सफाई नहीं होती। कहीं सफाई होती भी है तो निकाला गया कचरा किनारे पर ही पड़ा रहता है, जो दोबारा नालियों में पहुंचकर उन्हें जाम कर देता है।रहवासियों का कहना है कि थोड़ी बारिश में ही नालियां ओवरफ्लो होने लगती हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ बदबू और मच्छरों की समस्या भी बढ़ रही है।सांई नगर में दो साल से खुला सीवेज चेंबरसांई नगर के मुख्य तिराहे पर सीवेज का खुला चेंबर लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो वर्षों से यह चेंबर खुला पड़ा है, जिसमें कई बार दोपहिया और चार पहिया वाहन फंस चुके हैं।वहीं पानी सप्लाई के वाल चेंबर से पिछले एक वर्ष से लगातार पानी रिसने की शिकायत है। पानी बहने के कारण सड़क भी खराब हो रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।स्लम क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानीवार्ड 80 में अमरनाथ, साईनाथ कॉलोनी, आशीर्वाद कॉलोनी, पार्वती नगर, महाबली नगर, सर्वधर्म डी सेक्टर, गोल्डन वैली, गोल्डन हाइट, दामखेड़ा, संजय नगर, न्यू अंबेडकर नगर सहित करीब 25 से अधिक कॉलोनियां शामिल हैं।रहवासियों का कहना है कि जहां कुछ वीआईपी कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर है, वहीं स्लम क्षेत्रों में नियमित झाड़ू, कचरा उठाने और नाली सफाई की व्यवस्था कमजोर है। लोगों को गंदगी और बदबू के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।बारिश से पहले तैयारी पर सवालस्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले नालियों की सफाई और सीवेज व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घरों में पानी भरने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।पार्षद का दावा- करोड़ों के विकास कार्य कराएवार्ड 80 की भाजपा पार्षद सुनीता गुड्डू भदौरिया का कहना है कि उनके कार्यकाल में वार्ड में बड़े स्तर पर विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि कई कॉलोनियों में सीसी सड़क निर्माण, पार्क विकास, संजीवनी क्लीनिक, स्कूलों में सुविधाएं, वाचनालय और अन्य निर्माण कार्य किए गए हैं।उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सीसी सड़क निर्माण शेष है, वहां अमृत योजना के सीवेज कार्य पूरे होने के बाद सड़क निर्माण कराया जाएगा।पार्षद के अनुसार कोलार सिक्स लेन से दामखेड़ा सीसी रोड, खाटू श्याम पहुंच मार्ग, अमरनाथ चौराहा से अंबेडकर नगर मार्ग, साईनाथ कॉलोनी, आशीर्वाद कॉलोनी और पार्वती नगर सहित कई क्षेत्रों में विकास कार्य कराए गए हैं।विपक्ष का आरोप- वार्ड को नहीं मिल रहा जनप्रतिनिधित्वकांग्रेस के पूर्व पार्षद प्रत्याशी सुखलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्तमान पार्षद वार्ड की स्थायी निवासी नहीं हैं, जिसके कारण क्षेत्र की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था, कचरा उठाने का समय और नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि का नियमित जनसंपर्क नहीं होने से वार्ड के लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।रहवासियों की पीड़ाअनुराग, गड्डा मोहल्ला निवासी ने कहा कि क्षेत्र में नियमित झाड़ू नहीं लगती। कचरा वाहन कई-कई दिन बाद आता है। नालियों की सफाई नहीं होती और पार्षद से मिलना भी मुश्किल है।प्रकाश यादव, गणेश चौक निवासी ने बताया कि नाली की सफाई कई महीनों से नहीं हुई। सफाई के बाद भी कचरा वहीं छोड़ दिया जाता है, जो फिर नाली में भर जाता है। कचरा वाहन नियमित नहीं आता और गलियों में पानी भरा रहता है।रामस्वरूप जाटव, सांईनाथ नगर निवासी ने बताया कि पानी सप्लाई के दौरान वाल चेंबर से लगातार रिसाव होता है। सीवेज चेंबर भी लंबे समय से खुला पड़ा है, जबकि इसे बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।सुमन विश्वकर्मा, न्यू अंबेडकर नगर निवासी ने कहा कि क्षेत्र में न तो नियमित सफाई होती है और न ही नालियों की देखरेख। कई बार लोगों को अपने घर के सामने खुद सफाई करनी पड़ती है।सवाल: विकास कार्यों के साथ रोजमर्रा की सुविधाएं कब होंगी दुरुस्त?वार्ड 80 में सड़क, पार्क और अन्य निर्माण कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधि और विपक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन रहवासियों की सबसे बड़ी चिंता सफाई, कचरा प्रबंधन, नाली सफाई और सीवेज जैसी दैनिक सुविधाओं को लेकर है।मानसून से पहले इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इन शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं।