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मेट्रो मुआवजा कम मिलने की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे काजी कैंप के रहवासी

161 आवेदनों पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने की सुनवाई, अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश

भोपाल, 18 अगस्त। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में 161 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें शासकीय और निजी भूमि पर कब्जे, पेंशन, नामांतरण, पट्टे, मुआवजा सहित अन्य मामलों से जुड़े आवेदन शामिल रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं और कुछ मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। वहीं, अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम प्रकाश नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मेट्रो मुआवजे को लेकर काजी कैंप के रहवासियों की शिकायत

मेट्रो रेल परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन और मकानों के मुआवजे को लेकर काजी कैंप के रहवासी जनसुनवाई में पहुंचे। मकान नंबर 7 निवासी प्रदीप सिंह और दीपेंद्र सिंह तथा मकान नंबर 14 निवासी अब्दुल खालिक ने मुआवजा कम मिलने की शिकायत की।

आवेदकों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले मेट्रो रेल कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनके मकानों का निरीक्षण किया था। मकानों के जिस हिस्से को तोड़ा जाना है, वहां निशान भी लगाए गए थे। उस समय कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार जमीन और निर्मित क्षेत्र का मुआवजा देने की बात कही गई थी।

रहवासियों के अनुसार 29 जुलाई 2026 को उनके खातों में क्रमश: 13.63 लाख रुपये और 3.37-3.37 लाख रुपये जमा किए गए। उनका आरोप है कि निर्मित मकान का मूल्यांकन केवल 7 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से किया गया है। जबकि उनके अनुसार काजी कैंप में व्यावसायिक भूखंड की दर करीब 55 हजार रुपये और निर्मित व्यावसायिक भवन की लागत करीब 95 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है।

रहवासियों ने कलेक्टर से उचित मूल्यांकन कर जमीन का मुआवजा देने और मकान के जिस हिस्से को तोड़ा जाना है, उसकी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।

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