एम्स भोपाल के नर्सिंग विशेषज्ञ का शोध फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय मंच पर सराहा गया, हृदय रोगियों की देखभाल में नर्स-नेतृत्व मॉडल को मिली वैश्विक मान्यता

भोपाल। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे एम्स भोपाल ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। संस्थान के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुराग भाई पाटीदार ने फ्रांस के सोफिया एंटिपोलिस स्थित यूरोपियन हार्ट हाउस में आयोजित प्रतिष्ठित यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) – एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर नर्सेज एंड एलाइड प्रोफेशन कांग्रेस 2026 में अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर एम्स भोपाल का गौरव बढ़ाया।

डॉ. पाटीदार ने “पोस्ट पर्क्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) मरीजों में नर्स-नेतृत्व स्व-देखभाल प्रबंधन कार्यक्रम का कार्डियक सेल्फ-एफिकेसी और स्वास्थ्य संबंधी जीवन गुणवत्ता पर प्रभाव” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया। यह अध्ययन एम्स भोपाल में उपचार प्राप्त कर चुके 40 पोस्ट-पीटीसीए मरीजों पर आधारित था।

नर्स-नेतृत्व मॉडल से बढ़ा मरीजों का आत्मविश्वास

शोध के दौरान मरीजों के लिए तैयार किए गए नर्स-नेतृत्व स्व-देखभाल कार्यक्रम में धूम्रपान छोड़ने के लिए परामर्श, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, समय पर दवा सेवन और तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया।

अध्ययन में पाया गया कि इस प्रकार की नर्स-नेतृत्व आधारित स्वास्थ्य शिक्षा से मरीजों का अपने स्वास्थ्य के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है, उपचार के प्रति उनकी सहभागिता मजबूत होती है और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है। शोध में इस मॉडल को नियमित उपचार प्रणाली का हिस्सा बनाए जाने की भी अनुशंसा की गई।

कार्यपालक निदेशक ने दी बधाई

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान में होने वाला शोध सीधे मरीजों के उपचार और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग पेशेवर स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत आधारशिला हैं और उनके नेतृत्व में विकसित ऐसे मॉडल भविष्य में हृदय रोगियों की देखभाल को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बना सकते हैं।

उन्होंने डॉ. अनुराग भाई पाटीदार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इसे एम्स भोपाल के लिए गर्व का विषय बताया।

20 से अधिक देशों के विशेषज्ञों के बीच मिली पहचान

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के 20 से अधिक देशों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान डॉ. अनुराग भाई पाटीदार ने नेटवर्किंग पासपोर्ट चैलेंज में विजेता बनकर यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी – एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर नर्सेज एंड एलाइड प्रोफेशन की एक वर्ष की मानद सदस्यता भी प्राप्त की।

यह उपलब्धि न केवल एम्स भोपाल, बल्कि भारतीय नर्सिंग अनुसंधान और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान मानी जा रही है।

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