भोपाल से आगर मालवा और हरदा के लिए रवाना हुईं चलायमान विज्ञान प्रदर्शनी बसें, ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचेगा विज्ञान

भोपाल, 4 जुलाई । विज्ञान को घर-घर और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल ने अपनी भ्रमणशील (चलायमान) विज्ञान प्रदर्शनी की दो विशेष बसों को आगर मालवा और हरदा जिलों के लिए रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है।

कार्यक्रम के तहत बसों को सीएसआईआर–उन्नत पदार्थ एवं प्रक्रम अनुसंधान संस्थान (CSIR–AMPRI), भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सतानंद मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वे आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल की स्थानीय सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं।

दूरस्थ विद्यालयों तक पहुंचेगा विज्ञान

आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल द्वारा संचालित यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन दूरस्थ एवं ग्रामीण विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है, जिनके लिए विज्ञान केन्द्र तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता। इन चलायमान विज्ञान बसों के माध्यम से विज्ञान को सीधे विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है।

‘पहियों पर विज्ञान प्रदर्शनी’ की अनूठी पहल

भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी को “पहियों पर विज्ञान प्रदर्शनी” की अवधारणा पर विकसित किया गया है। विशेष रूप से डिजाइन की गई इन बसों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े इंटरैक्टिव प्रदर्श, वैज्ञानिक मॉडल और प्रयोगात्मक गतिविधियां स्थापित की गई हैं।

विद्यालयों में पहुंचने पर विद्यार्थी इन मॉडलों को स्वयं देखकर, समझकर और गतिविधियों में भाग लेकर विज्ञान के सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

विद्यार्थियों में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच

आगर मालवा और हरदा जिले के निर्धारित विद्यालयों में आगामी दिनों में इन विज्ञान बसों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, नवाचार और विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना है।

विज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की जरूरत

इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सतानंद मिश्रा ने कहा कि विज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार, भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी जैसी पहलें विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल का यह कार्यक्रम दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा पहुंचाने और विज्ञान के लोकप्रियकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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