रायसेन। भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
शुक्रवार को रायसेन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने विभागवार योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
राजस्व और लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समयसीमा में निपटाने के निर्देश
संभागायुक्त ने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी मामला निर्धारित समय सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों का भी समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जनमन योजना, धरती आबा योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पंचायत भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को समय पर किस्त का भुगतान हो तथा राशि का उपयोग केवल आवास निर्माण में ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समग्र सीडिंग कार्य शीघ्र पूरा करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
नगरीय योजनाओं और स्वच्छता पर विशेष फोकस
नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल 2.0, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम स्वनिधि योजना 2.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने, अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों का पंजीयन सुनिश्चित करने तथा दूषित पेयजल प्रबंधन के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने के निर्देश दिए गए।
बारिश के मौसम में शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
संभागायुक्त ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वर्षा ऋतु में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए हैंडपंपों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के पानी की नियमित जांच कराने को कहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
कृषि, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा
कृषि विभाग की समीक्षा में मूंग उपार्जन, खरीफ फसलों की बुवाई, उर्वरकों की उपलब्धता और कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की स्थिति, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में एएनसी पंजीयन, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी, टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय मित्र अभियान की प्रगति पर चर्चा की गई।
शिक्षा, परिवहन और अन्य विभागों को भी दिए निर्देश
बैठक में पशुपालन विभाग को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग से कक्षा पहली में शत-प्रतिशत प्रवेश, पाठ्यपुस्तकों के वितरण और मिशन अंकुर की प्रगति की जानकारी ली गई।
परिवहन विभाग को स्कूल बसों की नियमित फिटनेस जांच, मेडिकल किट की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मत्स्य, वन, जल संसाधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएफओ प्रतिभा शुक्ला, डीएफओ हेमंत रायकवार, अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी एसडीएम और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।