पदोन्नति प्रक्रिया में सामने आई बड़ी लापरवाही, अधूरी सीआर भरवाने के लिए कर्मचारियों से पूर्व अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने को कहा गया
भोपाल, 17 जुलाई। भोपाल नगर निगम में कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान कई कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावलियां (सीआर) या तो अधूरी मिलीं या विभागीय अभिलेखों में उपलब्ध ही नहीं थीं। इसके बाद निगम प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को सीआर के प्रपत्र सौंपते हुए निर्देश दिए हैं कि वे तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों से उन्हें भरवाकर हस्ताक्षर कराकर जमा करें। इस व्यवस्था पर कर्मचारियों ने सवाल उठाए हैं और इसे गोपनीयता के नियमों के विपरीत बताया है।
कर्मचारियों का कहना है कि सीआर (गोपनीय चरित्रावली) एक गोपनीय विभागीय दस्तावेज होता है, जिसमें कर्मचारी के वार्षिक कार्य प्रदर्शन, ईमानदारी, अनुशासन, कार्यकुशलता, शिकायतों, जांच और विभागीय कार्रवाई सहित विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन दर्ज रहता है। सामान्यतः यह दस्तावेज कर्मचारी को नहीं दिया जाता और केवल विभागीय अभिलेख का हिस्सा होता है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम में 638 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रस्तावित है, जिनमें 621 कर्मचारी द्वितीय और तृतीय श्रेणी के हैं। वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने के कारण अधिकांश कर्मचारियों की सीआर नियमित रूप से तैयार नहीं हो सकी। इसी वजह से अब तक केवल 19 कर्मचारियों की पदोन्नति हो पाई है। शासन ने पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की है।
निगम के एक कर्मचारी का कहना है कि नियमानुसार यदि कोई कर्मचारी समय पर सीआर प्रक्रिया पूरी नहीं करता, तो संबंधित वरिष्ठ अधिकारी को निर्धारित अवधि के भीतर उसे नोटिस जारी करना चाहिए। कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम में वर्षों तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण अब पदोन्नति के समय यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
हालांकि, इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि गोपनीय दस्तावेज कर्मचारियों को ही सौंपे जा रहे हैं, तो यह विभागीय प्रक्रिया और गोपनीयता दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
