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भोपाल मंडल में पल्स पोलियो अभियान सफल, एक दिन में 2,471 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की खुराक

रेलवे और गैर-रेलवे परिवारों के बच्चों को मिला सुरक्षा कवच, स्टेशनों से लेकर ट्रेनों तक चलाया गया विशेष अभियान

भोपाल।
बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में रविवार को विशेष पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। अभियान के तहत एक ही दिन में 2,471 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई।

मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा के निर्देशन में आयोजित इस अभियान में रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे कॉलोनियों में विशेष बूथ एवं मोबाइल टीमें तैनात की गईं।

रेलवे परिवारों के 506 और अन्य परिवारों के 1,965 बच्चों को दी गई खुराक

भोपाल मंडल में चलाए गए अभियान के दौरान रेलवे कर्मचारियों के परिवारों के 506 बच्चों और गैर-रेलवे परिवारों के 1,965 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई।

अभियान का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करना था।

प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर बनाए गए विशेष बूथ

भोपाल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष टीकाकरण व्यवस्था की गई। भोपाल, इटारसी, बीना, गुना, गंजबासौदा और नर्मदापुरम सहित कई स्थानों पर पोलियो बूथ बनाए गए।

भोपाल स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1, पैदल पुल, न्यू फुट ओवर ब्रिज, मंडल रेल चिकित्सालय, हबीबगंज स्वास्थ्य केंद्र, बैरागढ़ स्टेशन, पूर्वी रेलवे कॉलोनी, निशातपुरा कोच रिपेयर कॉलोनी सहित रेलवे आवासीय क्षेत्रों में टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए।

इटारसी क्षेत्र में घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीम

इटारसी क्षेत्र में रेलवे चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र, स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और 7, नर्मदापुरम स्टेशन तथा रेलवे कॉलोनियों में विशेष बूथ लगाए गए।

इसके अलावा रेलवे कॉलोनियों में स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई।

ट्रेनों में सफर कर रहे बच्चों को भी दी गई पोलियो की खुराक

अभियान के दौरान यात्रा कर रहे बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने विशेष मोबाइल टीमें तैनात की थीं। इन टीमों ने विभिन्न मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई।

मोबाइल टीमों ने झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, राजकोट एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस और भोपाल–बीना मेमू सहित अन्य ट्रेनों में यात्रा कर रहे बच्चों को पोलियो की खुराक दी।

रेलवे ने अभिभावकों से की अपील

सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि अभियान को सफल बनाने में रेलवे चिकित्सा विभाग, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे आगामी चरणों में भी अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के प्रयासों को और मजबूती मिल सके।

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