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भोपाल नगर निगम में 243 अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति, स्वच्छता और प्रशासनिक अमले को सबसे अधिक लाभ

भोपाल, 20 जुलाई। भोपाल नगर निगम में लंबे इंतजार के बाद पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करते हुए 243 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। यह पदोन्नति मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत की गई है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश जारी किए।

जानकारी के अनुसार, पदोन्नति के लिए कुल 638 अधिकारियों और कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची तैयार की गई थी, लेकिन पहले चरण में केवल 243 को ही पदोन्नत किया गया। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारी अभी भी पदोन्नति से वंचित हैं।

इन पदों पर हुई पदोन्नति
प्रथम श्रेणी में मुख्य अभियंता के एक पद पर पदोन्नति की गई। द्वितीय श्रेणी में 13 सहायक यंत्री और 2 स्वच्छता अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया। सर्वाधिक लाभ तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को मिला, जिनमें 65 सहायक ग्रेड-2, 58 स्वच्छता पर्यवेक्षक, 42 उप स्वच्छता पर्यवेक्षक, 26 उप स्वास्थ्य निरीक्षक, 14 सहायक ग्रेड-3, 6 लेखापाल, 6 उद्यान पर्यवेक्षक, 3 मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, 3 सहायक ग्रेड-1, 2 उद्यान निरीक्षक, 1 उपयंत्री और 1 स्वच्छता निरीक्षक शामिल हैं।

वंचित कर्मचारियों में नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठता सूची में शामिल 638 में से आधे से भी कम कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने से कई कर्मचारी असंतुष्ट हैं। कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि पदोन्नति में वरिष्ठता की अनदेखी की गई है। ऐसे कर्मचारी अब न्यायालय का रुख करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

निगम का पक्ष
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति दी गई है। प्रशासन के अनुसार, पदोन्नति से रिक्त पद भरेंगे, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिक सेवाओं के संचालन में भी तेजी आएगी।

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