पटौदी परिवार ने कोहेफिजा की जमीन के नामांतरण पर उठाए सवाल, फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की भूमि हड़पने का आरोप

शर्मिला टैगोर की ओर से कलेक्टर को शिकायत, मृतक के नाम से हिबानामा, संदिग्ध दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की जांच की मांग
भोपाल। राजधानी के कोहेफिजा स्थित खसरा क्रमांक-52 की करीब 34,650 वर्गफुट (लगभग 83 डिसमिल) भूमि के नामांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। अभिनेत्री शर्मिला टैगोर एवं पटौदी परिवार की ओर से अधिवक्ता जेड.यू. अल्वी ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2023-24 में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भूमि का नामांतरण 24 लोगों के नाम कर दिया गया। आवेदन में तहसील नजूल द्वारा 29 अप्रैल 2024 को पारित नामांतरण आदेश को निरस्त करने, पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं फोरेंसिक जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में दावा किया गया है कि नामांतरण के आधार बने वर्ष 1940 के कथित इनायतनामा, वर्ष 1957 के दस्तावेज और अन्य अभिलेख संदिग्ध हैं। आरोप है कि मृतक व्यक्ति के नाम से हिबानामा तैयार किया गया, पुराने स्टांप का दुरुपयोग किया गया और जिस टाइपिंग मशीन से दस्तावेज तैयार होना दर्शाया गया, वह उस समय अस्तित्व में ही नहीं थी। इसके अलावा वर्ष 1970 का बताकर प्रस्तुत राजस्व नक्शे में कथित छेड़छाड़, मृतक के हस्ताक्षरों के उपयोग तथा राजस्व अभिलेखों में हेरफेर के भी आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में हल्का पटवारी सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की गई है।
जांच और फोरेंसिक परीक्षण की मांग
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किए नामांतरण की कार्रवाई की गई, जिससे राजस्व रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने कलेक्टर से सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराने, विवादित नामांतरण निरस्त करने तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कूटरचना और धोखाधड़ी में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।





