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यूसीसी विधेयक पारित होना समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम : गोविंद सिंह राजपूत

खाद्य मंत्री ने कहा— समान नागरिक संहिता से समान अधिकार और न्याय को मिलेगा बल, कांग्रेस पर भी साधा निशाना

भोपाल। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने को प्रदेश के इतिहास का एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक समरसता, समान न्याय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री राजपूत ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान दायित्व उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, इससे व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर होने वाली असमानताओं को दूर करने की दिशा में प्रयास होगा तथा महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों को न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने इस निर्णय का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राजनीतिक इच्छाशक्ति को देते हुए कहा कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और सभी विधानसभा सदस्यों को विधेयक पारित होने पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

कांग्रेस पर लगाए आरोप

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस यूसीसी के मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपना सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय केवल हंगामा कर रहा है और उसका उद्देश्य राजनीतिक सुर्खियां बटोरना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता किसानों, युवाओं, गरीबों और विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की अपेक्षा करती है, जबकि कांग्रेस सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास कर रही है।

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