भोपाल नगर निगम वार्ड 52: पंचायत भवन में पार्किंग, नर्मदा जल का इंतजार, बारिश में घरों में भर रहा पानी

भोपाल। राजधानी भोपाल के नगर निगम वार्ड 52 में विकास कार्यों के दावों के बीच रहवासियों की कई बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। बावड़िया कला में सामाजिक आयोजनों के लिए बनाया गया पंचायत भवन का शेड अब पार्किंग के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। वहीं रोहित नगर और आसपास की कई कॉलोनियों में लोग नर्मदा जल का इंतजार कर रहे हैं। आम नगर बस्ती में बारिश का पानी घरों तक पहुंच रहा है, जबकि सुरेश नगर के रहवासी खुद ही गलियों में झाड़ू लगाने को मजबूर हैं।

वार्ड 52 में आकृति ईको सिटी, रोहित नगर, तिलक नगर, विद्या नगर, नारायण नगर, बावड़िया कला, आम नगर, सुरेश नगर और सुरभि नगर सहित दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां और बस्तियां हैं। अलग-अलग इलाकों में सड़क, नाली, सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

पंचायत भवन बना पार्किंग का ठिकाना

बावड़िया कला में करीब 5 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में शेड बनाया गया था। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को सामाजिक और छोटे आयोजनों के लिए जगह उपलब्ध कराना था। रहवासियों का आरोप है कि अब इस शेड में चार पहिया वाहन खड़े किए जा रहे हैं। आसपास के कुछ लोगों ने निर्माण सामग्री भी जमा कर रखी है। शेड की दीवार नहीं होने के कारण कुछ लोगों ने अपने घरों के रास्ते भी वहां से निकाल लिए हैं। इससे आम लोगों के लिए कार्यक्रम करना मुश्किल हो गया है।

रहवासी दिनेश मीना का कहना है कि शेड जनता के आयोजनों के लिए बनाया गया था, लेकिन अब पार्किंग होने से लोग कार्यक्रम करने के लिए जगह तलाशने को मजबूर हैं।

रोहित नगर में नर्मदा जल की मांग

रोहित नगर, तिलक नगर और आसपास की कई कॉलोनियों में नलकूप के पानी की सप्लाई हो रही है। रहवासी नर्मदा जल की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से नर्मदा जल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। कुछ नागरिकों ने बोरिंग के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई है।

रहवासी मयंक पुरोहित ने बताया कि कॉलोनी में नलकूप का पानी मिलता है, लेकिन लोग नर्मदा जल चाहते हैं। उनका यह भी कहना है कि नियमित झाड़ू नहीं लगने के कारण रहवासी अपने खर्च पर सफाई करवाते हैं।

आम नगर में बारिश का पानी घरों में

आम नगर बस्ती में जलभराव सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। रहवासियों के अनुसार पुलिया कचरे से भरी होने और नाले की सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क से होकर बस्ती में पहुंचता है। कई बार पानी घरों में भी भर जाता है।

गीता बाई का कहना है कि पुलिया कचरे से भरी रहती है। बारिश में सड़क का पानी बस्ती में आ जाता है। नाले की सफाई के लिए शिकायत करने के बावजूद समस्या बनी हुई है। फूलमणि और अरविंद ने भी बारिश में घरों में पानी भरने की शिकायत की।

सुरेश नगर में खुद लगाते हैं झाड़ू

सुरेश नगर के रहवासियों की शिकायत है कि गलियों में नियमित सफाई नहीं होती। ललित वर्मा ने बताया कि निगम कर्मचारी सफाई करने नहीं आते और लोगों को खुद ही गली में झाड़ू लगानी पड़ती है। विजय सोलंकी के अनुसार नालियां भी नियमित साफ नहीं होतीं। नाली जाम होने पर रहवासी खुद सफाई करते हैं।

आकृति ईको सिटी में सड़क और सीवेज की समस्या

आकृति ईको सिटी और सलैया क्षेत्र में बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने की समस्या है। रहवासियों के अनुसार सीवेज चेंबर के आसपास गड्ढे बने हुए हैं। बारिश में सड़क लबालब हो जाती है। सलैया निवासी मान सिंह ने बताया कि सीवेज चेंबर के पास बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है।

इंद्र वर्मा ने बताया कि काफी समय से सीवेज का पानी सड़क पर बह रहा है। इससे वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

सफाई और कचरा वाहन को लेकर भी शिकायत

वार्ड में कचरा वाहन पहुंचने के बावजूद लोगों की शिकायत है कि कई जगह वाहन रुकता नहीं है और हॉर्न बजाते हुए निकल जाता है। ऐसे में रहवासी कचरा वाहन में अपना कचरा नहीं डाल पाते। बावड़िया कला के जमना प्रसाद ने बताया कि करीब एक महीने पहले नाले की सफाई हुई थी, लेकिन उसके बाद निकला कचरा नहीं उठाया गया।

खाली प्लॉटों में पानी जमा होने से मच्छरों की समस्या भी बताई गई है। रहवासियों ने नियमित रूप से फॉगिंग कराने की मांग की है। कुछ कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने और खराब लाइटों के कारण रात में अंधेरा रहने की शिकायत भी है।

पार्षद ने बताया 75 करोड़ के विकास कार्य

वार्ड 52 की भाजपा पार्षद शीला पाटीदार ने विकास कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि पार्षद निधि के अलावा विधायक निधि, जनभागीदारी और पीडब्ल्यूडी के माध्यम से करीब 75 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए हैं। उनके अनुसार चार कॉलोनियों में ओपन जिम, करीब 15 कॉलोनियों में सड़क निर्माण, संयोग विहार और नर्मदा नगर में पार्क, संजीवनी अस्पताल और मिसरोद में कांजी हाउस जैसे कार्य कराए गए हैं। अमृत योजना के तहत सीवेज और कई कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट के काम भी कराए गए हैं।

वहीं रहवासियों की शिकायतें बताती हैं कि विकास कार्यों के बावजूद वार्ड 52 में नर्मदा जल, सफाई, नाली, सड़क और जलभराव जैसी बुनियादी समस्याओं पर अभी और काम की जरूरत है। अब रहवासियों को उम्मीद है कि बारिश के दौरान सामने आई समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा।

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