
भोपाल, । मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के वेतन में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का आदेश जारी किया है। यह वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index – CPI) के आधार पर की गई है, जिससे प्रदेश भर के हजारों संविदा कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालाँकि, यह वृद्धि बहुत सीमित बताई जा रही है। मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने इस बढ़ोतरी को “ऊँट के मुँह में जीरे के बराबर” बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामूली वृद्धि कर्मचारियों की मौजूदा आर्थिक जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है।
क्या है आदेश की मुख्य बातें:
- वेतन में 3% की बढ़ोतरी CPI इंडेक्स के आधार पर की गई।
- संविदा कर्मचारियों को 375 रुपए से 2500 रुपए तक की अधिकतम वृद्धि मिल सकती है।
- यह आदेश मध्यप्रदेश वित्त विभाग द्वारा आज गुरुवार को जारी किया गया।
संविदा महासंघ ने क्या कहा?
रमेश राठौर ने जानकारी दी कि महासंघ द्वारा वल्लभ भवन में दो बार ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें वेतनवृद्धि की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने देर से ही सही आदेश तो जारी किया, लेकिन यह वृद्धि नाकाफी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को एक अन्य ज्ञापन सौंपते हुए अनुरोध किया है कि:
- संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए।
- केवल CPI इंडेक्स के आधार पर बढ़ोतरी से कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं।
- वर्तमान में जो मूल्य सूचकांक के अनुसार बढ़ोतरी दी जा रही है, वह महंगाई की वास्तविक दरों को प्रतिबिंबित नहीं करती।
आगे की मांगें:
संविदा कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
- संविदा कर्मचारियों को भी न्यायसंगत और नियमित वेतन संरचना प्रदान की जाए।
- उन्हें भी नियमित कर्मचारियों के समान भत्तों और लाभों का लाभ मिले।





