कमाली मंदिर परिसर में निर्माणाधीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर नगर निगम की रोक, 450 दुकानों के प्रोजेक्ट पर अगले आदेश तक प्रतिबंध

भोपाल। राजधानी के प्राचीन आस्था केंद्र कमाली बाबा मंदिर परिसर में निर्माणाधीन 450 दुकानों वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर नगर निगम ने फिलहाल रोक लगा दी है। नगर निगम ने सोमवार को जारी आदेश में उदय बिल्डकॉन द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को अगले आदेश तक स्थगित करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा जताई गई आपत्तियों और विरोध के बाद की गई है। संगठनों का कहना है कि मंदिर परिसर में पहले से ही चैतन्य मार्केट और खजांची गली के रूप में करीब 450 दुकानों वाला व्यावसायिक परिसर संचालित है, जिससे मंदिर ट्रस्ट को प्रतिमाह लाखों रुपये की आय होती है। इसके बावजूद एक और बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा था।
जीर्ण-शीर्ण मंदिरों की अनदेखी का आरोप
धार्मिक संगठनों का आरोप है कि मंदिर परिसर में स्थित हनुमान जी, भगवान शंकर और अन्य देवी-देवताओं के मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, लेकिन उनके संरक्षण और जीर्णोद्धार के बजाय नए व्यावसायिक निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रतिमाएं हटाने का भी आरोप
संगठनों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान मंदिर परिसर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को हटाया गया। उनका कहना है कि कमाली माता मंदिर क्षेत्र के इब्राहिमगंज, बाल विहार, घोड़ा नक्काश और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है, जहां विवाह से पहले और विवाह के बाद विशेष पूजन की परंपरा निभाई जाती है।
सांसद को सौंपा ज्ञापन
450 दुकानों वाले निर्माणाधीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के विरोध में धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने सांसद आलोक शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सांसद ने यह मुद्दा नगर निगम प्रशासन के समक्ष उठाया।
पुलिस से सुरक्षा की मांग
सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर संजय सिंह और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र चौहान से मुलाकात कर मंदिर परिसर की स्थिति से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने के बाद मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस सुरक्षा और अवैध निर्माण पर निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में प्रमोद नेमा, नरेश राव जाधव, राजकुमार वर्मा, गोपाल मुखरैया, उमेश राव घोलप, अभय पंडित, मनोज राठौर, अवनी शर्मा और मोनू सहित अन्य लोग शामिल थे।
> नोट: धार्मिक संगठनों द्वारा लगाए गए आरोप उनके ज्ञापन और दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।





