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रोशनपुरा में मेट्रो परियोजना को मिली रफ्तार, दुकानदारों ने स्वयं हटाना शुरू किया अतिक्रमण

भोपाल, 10 जून। राजधानी भोपाल की महत्वाकांक्षी मेट्रो परियोजना के लिए रोशनपुरा क्षेत्र में लंबे समय से बनी बाधाएं अब दूर होती दिखाई दे रही हैं। मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य में अवरोध बन रही दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खास बात यह है कि कई दुकान संचालकों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले स्वयं अपनी दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे रुका हुआ निर्माण कार्य जल्द गति पकड़ने की उम्मीद है।

वर्षों पुरानी दुकानों के कारण रुका था काम

रोशनपुरा क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, जहां मेट्रो लाइन के निर्माण के लिए निर्धारित मार्ग पर कई वर्षों से संचालित दुकानें और अन्य संरचनाएं मौजूद थीं। इन निर्माणों के कारण परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से में कार्य प्रभावित हो रहा था।

मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि बाधाएं हटने के बाद निर्माण एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने में मदद मिलेगी और परियोजना की समय-सीमा पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

नोटिस के बाद शुरू हुई हटाने की प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित दुकानदारों और अन्य कब्जाधारकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। प्रारंभिक चरण में कई लोगों ने अपनी दुकानों को हटाने के बजाय उचित मुआवजे की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन और मेट्रो अधिकारियों ने प्रभावित पक्षों के साथ चर्चा कर समाधान का रास्ता निकाला।

बताया जा रहा है कि सहमति बनने के बाद पात्र प्रभावितों को लगभग एक-एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता या मुआवजा प्रदान किया गया, जिसके बाद दुकानदारों ने स्वयं निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मेट्रो परियोजना के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र

रोशनपुरा शहर के मध्य भाग में स्थित होने के कारण मेट्रो नेटवर्क का एक अहम हिस्सा माना जाता है। इस क्षेत्र में निर्माण कार्य आगे बढ़ने से परियोजना के अन्य हिस्सों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होगा और भविष्य में यातायात दबाव कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल जैसे तेजी से विस्तार कर रहे शहर में मेट्रो परियोजना सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ऐशबाग में भी मुआवजे के बाद हटे थे मकान

रोशनपुरा से पहले ऐशबाग क्षेत्र में भी मेट्रो निर्माण के दौरान इसी प्रकार की स्थिति सामने आई थी। वहां मेट्रो लाइन और स्टेशन निर्माण के लिए कुछ मकान अधिग्रहण क्षेत्र में आ रहे थे। प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिए जाने के बाद मकानों को हटाया गया, जिसके पश्चात निर्माण कार्य ने गति पकड़ी।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि प्रभावित नागरिकों के हितों की सुरक्षा और परियोजना की प्रगति के बीच संतुलन बनाकर ही बड़े शहरी विकास कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है।

शहर के भविष्य से जुड़ी परियोजना

भोपाल मेट्रो परियोजना को राजधानी की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल माना जा रहा है। ऐसे में रोशनपुरा जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों में अवरोध दूर होना परियोजना की प्रगति के लिए एक सकारात्मक संकेत है। आने वाले दिनों में यहां निर्माण कार्य तेज होने की संभावना है, जिससे मेट्रो कॉरिडोर के निर्धारित चरणों को समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है।

मेट्रो लाइन के लिए रास्ता साफ होने के साथ अब प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की नजर शेष बाधाओं को दूर कर परियोजना को तय समय में आगे बढ़ाने पर है, ताकि राजधानीवासियों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ जल्द मिल सके।n

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