भोपाल में मलेरिया जागरूकता अभियान को मिली गति, विधायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जागरूकता रथ

भोपाल। मानसून के आगमन के साथ मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जिला मलेरिया कार्यालय द्वारा सोमवार को मलेरिया जागरूकता रथ को रवाना किया गया, जिसका उद्देश्य शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मलेरिया, डेंगू तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों के प्रति जागरूक करना है।

अभियान का शुभारंभ दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा तथा जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

मलेरिया नियंत्रण में सुधार पर जताई संतुष्टि

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने जिले में मलेरिया मामलों में आई कमी पर संतोष व्यक्त किया और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता एवं नियंत्रण कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और समय पर जागरूकता ही मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जागरूकता रथ विभिन्न बस्तियों, कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को मच्छरों से बचाव, स्वच्छता और रोगों की पहचान संबंधी जानकारी देगा।

मेडिकल विद्यार्थियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

मलेरिया जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ जिला मलेरिया कार्यालय की प्रयोगशाला में मेडिकल शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। भोपाल के मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को मलेरिया, फाइलेरिया तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों की पहचान, जांच प्रक्रिया, रोकथाम और नियंत्रण संबंधी गतिविधियों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने माइक्रोस्कोपिक जांच और रोग निदान की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

आदिवासी बस्ती में लगाया गया स्वास्थ्य जागरूकता शिविर

जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गांधी नगर द्वारा वार्ड क्रमांक-1 स्थित गौंड बस्ती में विशेष स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों को मलेरिया और डेंगू के लक्षणों, संक्रमण के कारणों तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी।

मानसून में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में जलभराव और गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है, जिससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग मानसून से पहले ही जागरूकता कार्यक्रमों, जांच शिविरों और प्रशिक्षण गतिविधियों को प्राथमिकता दे रहा है।

जनजागरूकता ही सबसे प्रभावी बचाव

स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से लड़ाई केवल दवाओं से नहीं, बल्कि जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से जीती जा सकती है। जागरूकता रथ, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शिविरों के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भोपाल में मच्छरजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।

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