निर्माण संस्थानों के लिए श्रमिक पंजीयन अनिवार्य, नियमों का पालन नहीं करने पर श्रम विभाग करेगा कार्रवाई

भोपाल। जिले में संचालित सभी निर्माण संस्थानों और निर्माण एजेंसियों के लिए अब निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम, 1996 के प्रावधानों के तहत श्रमिकों का पंजीयन नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सहायक श्रम आयुक्त, भोपाल मंडल द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि जिले में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य संचालित करने वाले संस्थानों को अपने यहां कार्यरत श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए श्रम सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकता है।

निर्माण शुरू होने की सूचना देना भी जरूरी

श्रम विभाग ने बताया कि केवल श्रमिक पंजीयन कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी भी विभाग को उपलब्ध कराना आवश्यक है। इससे निर्माण स्थलों की निगरानी और वहां कार्यरत श्रमिकों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जा सकेगा।

निर्माण कार्यों का पंजीयन श्रम सेवा एप (SHRAM SEVA APP) पर जियो टैगिंग के माध्यम से किया जाएगा, जिससे निर्माण स्थलों की वास्तविक स्थिति और श्रमिकों से संबंधित जानकारी विभाग के पास उपलब्ध रहेगी।

श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने की पहल

श्रमिक पंजीयन का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। पंजीकृत श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सहायता योजनाओं से जोड़ने में भी मदद मिलती है।

श्रम विभाग ने सभी निर्माण संस्थानों से अपील की है कि वे समय पर श्रमिकों का पंजीयन कराकर कानूनी प्रावधानों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।

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