
स्वदेशी तकनीक से तैयार ट्रेनसेट को आरडीएसओ और पीईएसओ की मंजूरी, हरित रेल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
भोपाल। भारतीय रेल ने स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल संचालित ट्रेनसेट विकसित की है। यह ट्रेनसेट पूरी तरह भारतीय इंजीनियरों द्वारा देश में डिज़ाइन, विकसित और निर्मित किया गया है, जिसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रेलवे के अनुसार, ट्रेनसेट का संपूर्ण सिस्टम डिज़ाइन और इंटीग्रेशन भारत में ही किया गया है तथा इसे रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वहीं, हाइड्रोजन के भंडारण, रखरखाव और ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से भी आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं।
इस परियोजना की प्रमुख विशेषता यह है कि ट्रेन की ट्रैक्शन प्रणाली, ट्रैक्शन कन्वर्टर, बूस्ट कन्वर्टर, ह्यूमन मशीन इंटरफेस (HMI), हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर, सुरक्षा सेंसर और हाइड्रोजन कंप्रेसर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों का डिज़ाइन और निर्माण भी भारत में ही किया गया है। इससे हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के क्षेत्र में देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और क्षमता को नई पहचान मिली है।
रेलवे के अनुसार, इस परियोजना के अवधारणा विकास, इंजीनियरिंग, निर्माण, सिस्टम इंटीग्रेशन, परीक्षण और नियामकीय स्वीकृतियों सहित सभी प्रमुख चरण भारत में ही पूरे किए गए हैं। यह उपलब्धि भविष्य में स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल और हरित रेल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी नवाचार क्षमता को भी मजबूत करेगी।





