हलालपुर पटाखा बाजार में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी, हादसे का खतरा

13 शर्तों के पालन में लापरवाही, बारूद के बाजार में सिर्फ एक फायर ब्रिगेड तैनात; पहले भी आग से जल चुकी है दुकान

भोपाल। दीपावली के चलते लालघाटी स्थित हलालपुर पटाखा बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने पटाखा कारोबारियों के लिए 13 शर्तें तय की थीं, लेकिन बाजार में इनका पालन होता नजर नहीं आ रहा। आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था का अभाव है। पूरे बाजार की सुरक्षा के लिए महज एक फायर ब्रिगेड तैनात है।

संत हिरदाराम नगर एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने जनसुरक्षा को देखते हुए 15 पटाखा दुकानों को लोक न्यूसेंस घोषित किया था। साथ ही संचालकों को अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और एनजीटी के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निरीक्षण और निगरानी के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है।

पहले आग से जल चुकी दुकान, फिर शुरू हुआ कारोबार

हलालपुर पटाखा बाजार में कुछ महीने पहले सोनी पटाखा दुकान में भीषण आग लग चुकी है। इसके बावजूद उसी स्थान पर दोबारा दुकान संचालित की जा रही है। बाजार के आसपास पेट्रोल पंप, बिजली ट्रांसफार्मर और रिहायशी कॉलोनियां होने से किसी भी हादसे के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

प्रशासन की सूची में महालक्ष्मी, आरके, महादेव, राज, अंबिका, इंडियन, जय दुर्गा, ताज, एमपी, दीपक, जैन, कालू, मधुर, सोनी और नेशनल पटाखा सेंटर सहित 15 दुकानें शामिल हैं। इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट किया जाना है, लेकिन मामला जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल कारोबार जारी है। वहीं, शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब डेढ़ हजार अस्थायी पटाखा दुकानें भी लग चुकी हैं। ऐसे में सुरक्षा इंतजामों की कमी लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

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