
भोपाल, 24 जुलाई। राजधानी भोपाल के जगदीशपुर स्थित सैनी चौराहे पर एक किराए के गोदाम में कथित अवैध यूरिया और डीएपी भंडारण के मामले में मकान मालिक ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के बाद पिछले 13 महीनों से गोदाम सील है, जिससे न केवल किराया रुका हुआ है बल्कि रासायनिक खाद के रिसाव से मकान भी क्षतिग्रस्त होता जा रहा है।
मकान मालिक मिथुन सैनी के अनुसार उन्होंने दिसंबर 2024 में अपना 1320 वर्गफुट का गोदाम जगदीश कुमार बसंतानी को 15,000 रुपये प्रतिमाह किराए पर 11 माह के लिए दिया था। आरोप है कि किराएदार ने बिना अनुमति गोदाम में यूरिया और डीएपी का अवैध भंडारण शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया।
13 माह का किराया और बिजली बिल बकाया होने का दावा
पीड़ित का दावा है कि गोदाम पिछले 13 महीनों से सील होने के कारण ₹1.95 लाख किराया और ₹9,000 बिजली बिल बकाया हो चुका है। उनका आरोप है कि बकाया राशि मांगने पर आरोपी उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने हाल ही में जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत भी प्राप्त कर ली है।
यूरिया पिघलने से मकान की दीवारें हुईं क्षतिग्रस्त
मिथुन सैनी का कहना है कि गोदाम उनके आवास के भूतल पर स्थित है, जबकि परिवार पहली मंजिल पर रहता है। उनका आरोप है कि बारिश के मौसम में गोदाम में रखा रासायनिक यूरिया नमी के कारण पिघल रहा है, जिससे मकान की दीवारें जर्जर हो गई हैं और भवन की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने आईजी, डीआईजी, एसपी और स्थानीय थाने में कई बार लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक गोदाम से रसायन हटाने या उसे खाली कराने की कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी आरोपी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।
मकान मालिक ने प्रशासन से गोदाम को तत्काल खाली कराने, रासायनिक सामग्री हटाने तथा बकाया किराया और अन्य देय राशि दिलाने की मांग की है।





