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मैहर में धतूरा की जमीन पर विवाद, एसडीएम के रोक आदेश के बावजूद रजिस्ट्री का आरोप

मैहर। ग्राम धतूरा में जमीन की खरीद-फरोख्त और कथित अवैध प्लाटिंग को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ रियल एस्टेट कारोबारियों ने वर्ष 2023 में महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय की ओर से जारी एक सामान्य परिपत्र को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि उन्हें जमीन की प्लाटिंग और बिक्री की अनुमति है।

हालांकि, प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह सामान्य परिपत्र ग्राम धतूरा की संबंधित भूमि पर जारी एसडीएम के रोक आदेश से अलग विषय है। इसलिए पुराने सामान्य आदेश को धतूरा की विशिष्ट भूमि पर लागू कर रोक आदेश को दरकिनार करने का दावा किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

7.33 हेक्टेयर भूमि पर लगाई गई थी रोक

बताया गया है कि ग्राम धतूरा में करीब एक साल से जमीन की खरीद-फरोख्त और प्लाटिंग को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। कलेक्टर मैहर के निर्देश पर एसडीएम दिव्या पटेल ने करीब 7.33 हेक्टेयर भूमि से संबंधित नामांतरण, क्रय-विक्रय और अनाधिकृत निर्माण पर रोक लगाई थी।

इसके बावजूद उप पंजीयक कार्यालय में इस भूमि की दोबारा रजिस्ट्री शुरू होने की जानकारी सामने आने का दावा किया जा रहा है। यदि रोक आदेश प्रभावी होने के दौरान संबंधित भूमि की रजिस्ट्री हुई है तो इसकी वैधानिक स्थिति जांच का विषय होगी।

एसडीएम ने कहा- नियमों के तहत करें कारोबार

एसडीएम दिव्या पटेल ने कहा कि प्रशासन रियल एस्टेट कारोबारियों के खिलाफ नहीं है, लेकिन काम नियमानुसार होना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य वैध कारोबार को रोकना नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।

मामले में पुराने परिपत्र और धतूरा की संबंधित भूमि पर लागू प्रशासनिक आदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति सामने आएगी।

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