भोपाल, 16 मई। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए छतरपुर जिले में रास्ता भटक गई 13 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया। समय पर की गई पुलिस कार्रवाई से बालिका को सुरक्षित संरक्षण और परिवार का सान्निध्य मिल सका।
घटना छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र की है। 15 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि देवरी तिराहा क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालिका अकेली घूम रही है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है और उसे सहायता की आवश्यकता है।
सूचना मिलते ही बकस्वाहा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ मुकेश कुमार एवं पायलट पंकज कुमार दुबे ने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
बालिका नहीं बता पा रही थी अपना पता
पुलिस के अनुसार बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने घर और परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ थी। इसके बाद डायल-112 टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बालिका को एफआरवी वाहन से आसपास के क्षेत्रों में ले जाकर पूछताछ की और परिजनों की तलाश शुरू की। हालांकि प्रारंभिक प्रयासों में बालिका के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
बाद में पुलिस टीम बालिका को सुरक्षित बमोरी चौकी लेकर पहुंची। कुछ समय बाद बालिका के परिजन चौकी पहुंचे, जहां आवश्यक पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने बालिका को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।
डायल-112 टीम की संवेदनशीलता की सराहना
मध्यप्रदेश पुलिस ने कहा कि डायल-112 हीरोज श्रृंखला के तहत यह घटना दर्शाती है कि प्रदेश की पुलिस सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा के लिए सदैव सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने भी डायल-112 जवानों की तत्परता और मानवीय पहल की सराहना की।
छतरपुर के डायल-112 हीरोज: रास्ता भटकी मानसिक रूप से अस्वस्थ बालिका को परिवार से मिलाया
