वार्ड 47 में विकास बनाम अव्यवस्थाओं की बहस: श्याम नगर और बंगाली कॉलोनी में सीवेज, सफाई और कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती

भोपाल, 31 मई। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 47 में विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र की कई गंभीर समस्याओं को उजागर किया है। वार्ड की पार्षद गिरिजा राजेश खटीक के कार्यकाल को लगभग चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन श्याम नगर, बंगाली कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में सीवेज, नाली सफाई, कचरा प्रबंधन और पेयजल जैसी समस्याएं अब भी लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
श्याम नगर में सीवेज और कचरे से बढ़ रही परेशानी
श्याम नगर के रहवासियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास परिसर और मल्टियों के आसपास लंबे समय से सीवेज निकासी की समस्या बनी हुई है। कई स्थानों पर गंदा पानी जमा रहता है और मल्टियों के पीछे खुले में कचरे के ढेर दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नियमित सफाई नहीं होने के कारण क्षेत्र में दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
रहवासियों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त कचरा कंटेनर नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में खुले स्थानों पर कचरा फेंकते हैं, जो हवा के साथ गलियों और सड़कों पर फैल जाता है। आगामी मानसून को देखते हुए लोगों को जलभराव और सीवेज ओवरफ्लो की चिंता भी सताने लगी है।
बंगाली कॉलोनी में नाली सफाई और सड़कों की समस्या
बंगाली कॉलोनी के नागरिकों का आरोप है कि मुख्य मार्ग का निर्माण होने के बावजूद अंदरूनी गलियों की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है। कई स्थानों पर नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों और घरों तक पहुंच जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ स्थानों पर नालियों को सीवेज लाइन से जोड़ दिया गया है, जिसके कारण सीवेज जाम होने पर गंदा पानी सड़कों और निचले हिस्सों में स्थित मकानों में भर जाता है। क्षेत्र में नियमित झाड़ू नहीं लगने की शिकायत भी सामने आई है।
खेल मैदानों पर अतिक्रमण का मुद्दा
पंचशील नगर क्षेत्र में खेल मैदानों के संरक्षण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले यहां कई खेल मैदान मौजूद थे, लेकिन समय के साथ उन पर अतिक्रमण हो गया। कुछ स्थानों पर मकान और दुकानें बन गईं, जबकि कुछ मैदानों पर अन्य निर्माण कार्य हो गए। इसके चलते बच्चों के लिए खुले खेल मैदानों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
पार्षद ने गिनाए विकास कार्य
वार्ड की पार्षद गिरिजा राजेश खटीक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में लगातार विकास कार्य कराए गए हैं। उनके अनुसार सामुदायिक भवन का निर्माण, लगभग 65 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण, शनि एवं खेड़ापति मंदिर के पास पुलिया निर्माण, नाली निर्माण और चार उद्यानों का विकास कराया गया है।
उन्होंने बताया कि श्याम नगर में पेविंग ब्लॉक, भंते निवास निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्य भी कराए गए हैं तथा एक नया सामुदायिक भवन प्रस्तावित है।
पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी ने लगाए भेदभाव के आरोप
कांग्रेस की पूर्व पार्षद प्रत्याशी लता देवरे ने आरोप लगाया कि वार्ड में विकास कार्य समान रूप से नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकांश कार्य केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित हैं, जबकि बंगाली कॉलोनी और अन्य बस्तियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सामुदायिक भवन, अस्पताल और कुछ अन्य विकास कार्य पूर्व विधायक पीसी शर्मा की निधि से कराए गए थे, जबकि वर्तमान जनप्रतिनिधि उन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
रहवासियों ने बताई जमीनी हकीकत
बंगाली कॉलोनी निवासी दुर्गा प्रसाद के अनुसार नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और आवारा कुत्तों का आतंक भी बना हुआ है। वहीं श्याम नगर निवासी वर्षा रजक का कहना है कि मल्टी निर्माण के बाद से सीवेज समस्या लगातार बनी हुई है और बारिश के समय घरों में पानी भर जाता है।
स्थानीय निवासी जमील खान ने नियमित सफाई और कचरा वाहन की अनियमितता पर सवाल उठाए, जबकि लक्ष्मी मालवीय ने बताया कि मल्टियों के पीछे कचरे के बड़े ढेर लगे रहते हैं और क्षेत्र में कचरा कंटेनर उपलब्ध नहीं हैं।
मानसून से पहले समाधान की मांग
वार्ड 47 के नागरिकों का कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले सीवेज लाइन की सफाई, नालियों का सुधार, नियमित कचरा उठान, पर्याप्त कंटेनरों की व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति में सुधार जैसे कार्य प्राथमिकता से किए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि विकास कार्यों के दावों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर भी ध्यान देना आवश्यक है, ताकि वार्ड के सभी क्षेत्रों को समान रूप से सुविधाओं का लाभ मिल सके।









