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भानपुरा की छह कॉलोनियों पर जलभराव का खतरा, नाले की सफाई और अवरोध हटाने की मांग तेज

भोपाल, 10 जून। मानसून की दस्तक से पहले राजधानी भोपाल के भानपुरा क्षेत्र में जलभराव की आशंका ने स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों के नागरिकों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी मार्ग बाधित होने के कारण बारिश के दौरान गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। रहवासी इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को शिकायतें सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

दो हजार से अधिक परिवारों पर संकट की आशंका

भानपुर स्थित राधाकृष्ण पुरम सहित आसपास की कई कॉलोनियों में लगभग दो हजार मकान हैं। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि क्षेत्र का बारिश का पानी और सीवेज सामान्य रूप से पातरा नाले में प्रवाहित होता है, लेकिन नाले के ऊपर बनाए गए निर्माण और अवरोधों के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार यदि मानसून के दौरान भारी बारिश होती है तो पानी की निकासी बाधित होने से कॉलोनियों में व्यापक जलभराव हो सकता है। इससे मकानों, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

कई कॉलोनियां प्रभावित होने की आशंका

राधाकृष्ण पुरम के रहवासी लेखराज कुशवाहा के अनुसार राधाकृष्ण पुरम फेस-1, राधाकृष्ण पुरम फेस-2, प्रतिभा सिटी, राधेधाम, पुष्पानंद कॉलोनी तथा आसपास के अन्य क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की पूरी संभावना है। उनका कहना है कि यह इलाका अपेक्षाकृत निचले स्तर पर स्थित है, इसलिए तेज बारिश होने पर पानी लंबे समय तक जमा रह सकता है।

रहवासियों का दावा है कि कई सिंगल स्टोरी मकान ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां जलभराव की स्थिति में घरों के भीतर तक पानी पहुंच सकता है। इससे आर्थिक नुकसान के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

मानसून पूर्व तैयारियों पर उठे सवाल

हर वर्ष बारिश से पहले नगर निगम द्वारा नालों की सफाई और जल निकासी मार्गों को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं। हालांकि भानपुरा क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि इस बार भी उनकी शिकायतों के बावजूद न तो नाले की समुचित सफाई हुई है और न ही अवरोधों को हटाने की प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है।

शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों में यदि प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण या अवरोध खड़े हो जाते हैं तो बारिश के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप आवश्यक होता है।

महापौर ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन

मामले को लेकर भोपाल महापौर मालती राय ने कहा कि यदि शिकायत प्राप्त हुई है तो संबंधित अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रहवासियों की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले नाले की सफाई कराई जाए, जल निकासी मार्ग में बने अवरोधों की जांच हो और यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि समय रहते कदम उठाए जाने से हजारों लोगों को संभावित जलभराव और उससे होने वाली परेशानियों से बचाया जा सकता है।

बारिश का मौसम नजदीक आने के साथ ही भानपुरा क्षेत्र की यह समस्या नगर निगम और जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनती जा रही है। अब स्थानीय नागरिकों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और मानसून पूर्व तैयारियों पर टिकी हुई है।

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