भोपाल-इंदौर हाईवे पर अवैध शराब तस्करी पर शिकंजा: कोल्हुखेड़ी से 53 लीटर शराब जब्त, स्कूटर से हो रही थी सप्लाई

भोपाल में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। इंदौर-भोपाल रोड स्थित ग्राम कोल्हुखेड़ी में आबकारी विभाग ने छापेमार कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है।
आबकारी विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 53 लीटर से अधिक देशी और विदेशी शराब जब्त की गई। शराब की खेप स्कूटर के जरिए सप्लाई की जा रही थी, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हाईवे बेल्ट क्यों बन रही अवैध शराब नेटवर्क का केंद्र?
भोपाल-इंदौर कॉरिडोर प्रदेश का सबसे व्यस्त परिवहन मार्ग माना जाता है। इसी कारण हाईवे से लगे गांव और बाहरी क्षेत्र अवैध शराब तस्करी के लिए संवेदनशील जोन बनते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे वाहनों—जैसे स्कूटर और बाइक—का इस्तेमाल अब अवैध शराब सप्लाई में तेजी से बढ़ा है, क्योंकि ये वाहन ग्रामीण मार्गों और आंतरिक सड़कों से आसानी से निकल जाते हैं और पुलिस जांच से बचने की कोशिश करते हैं।
ग्राम कोल्हुखेड़ी में हुई कार्रवाई भी इसी बदलते नेटवर्क की ओर संकेत करती है, जहां संगठित गिरोह बड़ी खेप की बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में शराब सप्लाई कर रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और बढ़ती निगरानी
यह कार्रवाई कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा की गई। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मुखबिर तंत्र और स्थानीय इनपुट के आधार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम और शादी समारोहों के दौरान अवैध शराब की मांग बढ़ने लगती है। ऐसे समय में बिना लाइसेंस शराब बिक्री और अवैध परिवहन के मामलों में तेजी देखी जाती है। इसी को देखते हुए भोपाल जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अवैध शराब सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, स्वास्थ्य का भी बड़ा खतरा
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई केवल राजस्व संरक्षण का मामला नहीं है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बिना गुणवत्ता जांच के बेची जाने वाली शराब कई बार जहरीली साबित होती है और इससे जानलेवा घटनाएं हो सकती हैं।
मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में बीते वर्षों में जहरीली शराब से मौतों के मामले सामने आते रहे हैं। इसलिए छोटे स्तर पर होने वाली ऐसी तस्करी भी प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय मानी जाती है।
आगे क्या?
आबकारी विभाग अब यह जांच कर रहा है कि जब्त की गई शराब स्थानीय स्तर पर बिक्री के लिए लाई गई थी या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी। वाहन जब्त कर लिया गया है और सप्लाई चैन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
भोपाल में हाल के महीनों में अवैध शराब, नशीले पदार्थों और बिना अनुमति बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि ग्रामीण और हाईवे क्षेत्रों में नियमित दबिश से इस नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।



