भोपाल, 31 मई। राजधानी भोपाल की जीवनरेखा माने जाने वाले बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने की प्रशासनिक कवायद एक बार फिर शुरू होने जा रही है। करीब डेढ़ माह के अंतराल के बाद सोमवार से अतिक्रमण हटाने का अभियान दोबारा शुरू होने की संभावना है। प्रशासन की योजना के अनुसार अभियान की शुरुआत टीटी नगर क्षेत्र से की जाएगी, जहां कैचमेंट एरिया में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
टीटी नगर में 22 अतिक्रमण हटाने की तैयारी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार टीटी नगर वृत्त के अंतर्गत आने वाले बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में 22 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इन निर्माणों को बिना आवश्यक अनुमति के निजी भूमि पर विकसित किया गया है। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग को नगर निगम का सहयोग मिलेगा और संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को अंजाम देगी।
एसडीएम अर्चना शर्मा ने बताया कि कैचमेंट क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को संरक्षित नहीं किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैरागढ़ क्षेत्र के लिए बनेगी अलग कार्ययोजना
सोमवार को बैरागढ़ नजूल कार्यालय में बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में हुए अतिक्रमणों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में एसडीएम रविशंकर राय, तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह तथा नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे। इसमें बैरागढ़ क्षेत्र में चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
एनजीटी के निर्देशों के बाद हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के बाद प्रशासन ने फरवरी में बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र का सीमांकन और चिन्हांकन कार्य किया था। सर्वेक्षण के दौरान कुल 347 अतिक्रमणों की पहचान की गई थी, जो तालाब के जलग्रहण क्षेत्र को प्रभावित कर रहे थे।
अप्रैल माह में प्रशासन ने इनमें से 51 अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की थी। हालांकि मई में जनगणना कार्य में प्रशासनिक अमले की व्यस्तता के कारण अभियान की गति थम गई थी।
30 जून तक की डेडलाइन, उठ रहे सवाल
प्रशासन ने अब पूरे अभियान को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि इस समय मानसून का मौसम नजदीक होने के कारण कार्रवाई की निरंतरता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि अभियान में ढिलाई बरती गई तो प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमणों पर कार्रवाई अधूरी रह सकती है।
बड़े तालाब के संरक्षण से जुड़ा है मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े तालाब का कैचमेंट क्षेत्र उसके जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जलग्रहण क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण और अतिक्रमण से तालाब की प्राकृतिक जल आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई को भोपाल की जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन निर्धारित समय सीमा में सभी चिन्हित अतिक्रमणों पर कार्रवाई कर पाता है या नहीं और बड़े तालाब के संवेदनशील कैचमेंट क्षेत्र को किस हद तक अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सकेगा।यह रिपोर्ट “बड़े तालाब कैचमेंट अतिक्रमण”, “भोपाल अतिक्रमण हटाओ अभियान”, “टीटी नगर बुलडोजर कार्रवाई”, “एनजीटी आदेश”, “भोपाल बड़ी झील संरक्षण”, “कैचमेंट एरिया अतिक्रमण” और “भोपाल नगर निगम” जैसे प्रमुख SEO कीवर्ड्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
भोपाल: बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में फिर चलेगा बुलडोजर, टीटी नगर से शुरू होगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
