कलियासोत कैचमेंट में अतिक्रमण पर फिर चला बुलडोजर, 6 डेयरियां और 3 झुग्गियां हटाईं; शहरभर में निगम का अभियान तेज

भोपाल, 10 जून। राजधानी भोपाल में जलस्रोतों और कैचमेंट क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार को कलियासोत कैचमेंट क्षेत्र में एक बार फिर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें छह अवैध डेयरियों और तीन झुग्गियों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण से जुड़े न्यायिक आदेशों और पूर्व में जारी बेदखली नोटिसों के पालन में की गई है।
कैचमेंट क्षेत्र में अवैध कब्जों पर प्रशासन की सख्ती
टीटी नगर नजूल वृत्त की एसडीएम अर्चना रावत के निर्देशन में तहसीलदार कुनाल राउत के नेतृत्व में यह कार्रवाई चंदनपुरा और छावनी क्षेत्र की शासकीय भूमि पर की गई। अधिकारियों के अनुसार लगभग 11,250 वर्गफीट सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर डेयरी संचालन किया जा रहा था।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक संबंधित व्यक्तियों को पहले ही बेदखली नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाए गए। इसके बाद प्रशासन को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
दो दिन पहले भी हटाई गई थीं 15 डेयरियां
कलियासोत और आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों में यह कार्रवाई कोई पहली नहीं है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व भी इसी क्षेत्र में 15 डेयरियों को हटाया गया था। लगातार की जा रही कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन जल संरक्षण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के नए या पुराने अतिक्रमण को लेकर अब शून्य सहिष्णुता की नीति अपना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैचमेंट क्षेत्रों में अवैध निर्माण और डेयरी संचालन से जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पर्यावरण और पेयजल व्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं।
भदभदा क्षेत्र में भी हटाईं गईं झुग्गियां
कार्रवाई केवल डेयरियों तक सीमित नहीं रही। प्रशासन ने भदभदा क्षेत्र के कैचमेंट क्षेत्र में स्थित तीन झुग्गियों को भी हटाया। इस दौरान राजस्व विभाग, नगर निगम का अतिक्रमण निरोधक अमला और पुलिस बल बड़ी संख्या में मौजूद रहा, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हो सकी।
तहसीलदार ने क्या कहा
टीटी नगर तहसीलदार कुनाल राउत के अनुसार, कैचमेंट क्षेत्र में किए गए सभी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। संबंधित पक्षों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
शहरभर में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर चला अभियान
दूसरी ओर नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने बुधवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में भी व्यापक कार्रवाई की। निगम अधिकारियों के अनुसार यह अभियान नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों तथा सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त प्रकरणों के निराकरण के तहत संचालित किया गया।
नगर निगम ने कटारा हिल्स, अमलतास चौराहा, स्प्रिंग वैली, सागर गोल्ड फार्म कॉलोनी, एमपी नगर, लिंक रोड, माता मंदिर क्षेत्र, जवाहर चौक, सरस्वती नगर, भारत माता चौराहा, रायसेन रोड, अयोध्या बायपास, अशोका गार्डन, नवीन नगर, पुष्पा नगर, हमीदिया रोड, रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-6, भोपाल टॉकीज, आजाद मार्केट, भारत टॉकीज और डीआईजी बंगला क्षेत्र सहित दो दर्जन से अधिक स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
अवैध निर्माणों और चबूतरों पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान शैतान सिंह चौराहा क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित एक चबूतरे को तोड़ा गया, जबकि अशोका गार्डन क्षेत्र में चार अवैध चबूतरे हटाए गए। इसके अलावा कस्तूरबा नगर में एक अवैध निर्माण कार्य को भी निगम अमले ने रुकवाया।
मानसून से पहले अतिक्रमण हटाने पर जोर
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि मानसून से पहले नालों, जल निकासी मार्गों और कैचमेंट क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाना आवश्यक है, ताकि बारिश के दौरान जलभराव, प्रदूषण और बाढ़ जैसी समस्याओं को कम किया जा सके। यही कारण है कि राजधानी में अतिक्रमण विरोधी अभियान को और अधिक गति दी जा रही है।
भोपाल में हाल के दिनों में लगातार चल रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि प्रशासन जलस्रोतों, सार्वजनिक मार्गों और सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के मूड में है, और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी जारी रह सकती है।



